Image from Google Jackets

Ashok ke phool / Hajariprasad dwivedi

अशोक के फूल / आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी By: Language: Hindi Publication details: New Delhi : Lokbharti Prakashan , 2024Edition: 7th edDescription: 176 pages ; 21cmISBN:
  • 9788180317804 (Paperback)
Subject(s): DDC classification:
  • 891.434 DWI/A
Summary: आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की ‘अशोक के फूल’ एक प्रसिद्ध निबंध-संग्रह है, जिसमें लेखक ने भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य, प्रकृति और मानवीय जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए हैं। इस पुस्तक में लेखक की दृष्टि केवल अतीत के वर्णन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे भारतीय संस्कृति और परंपराओं को वर्तमान जीवन से जोड़कर देखते हैं। ‘अशोक के फूल’ जैसे निबंधों में प्रकृति के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं और सांस्कृतिक स्मृतियों को व्यक्त किया गया है। लेखक भारतीय परंपरा में छिपी जीवन-मूल्यों, सौंदर्य-बोध, सहिष्णुता और मानवीयता को उजागर करते हैं तथा रूढ़ियों और संकीर्णताओं पर भी विचार करते हैं। उनकी भाषा विद्वत्तापूर्ण होते हुए भी सहज, रोचक और भावपूर्ण है। यह कृति पाठक को भारतीय संस्कृति, साहित्य और जीवन-दृष्टि को गहराई से समझने के साथ-साथ अपने अतीत और वर्तमान के संबंध पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।
Tags from this library: No tags from this library for this title. Log in to add tags.
Star ratings
    Average rating: 0.0 (0 votes)
Holdings
Cover image Item type Current library Home library Collection Shelving location Call number Materials specified Vol info URL Copy number Status Notes Date due Barcode Item holds Item hold queue priority Course reserves
Rajbhasha Book (Hindi) Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section RB 891.434 DWI/A (Browse shelf(Opens below)) Available RB1582
Total holds: 0

Browsing Central Library, IIT Bhubaneswar shelves Close shelf browser (Hides shelf browser)

Hindi Essay Pros

आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की ‘अशोक के फूल’ एक प्रसिद्ध निबंध-संग्रह है, जिसमें लेखक ने भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य, प्रकृति और मानवीय जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए हैं। इस पुस्तक में लेखक की दृष्टि केवल अतीत के वर्णन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे भारतीय संस्कृति और परंपराओं को वर्तमान जीवन से जोड़कर देखते हैं। ‘अशोक के फूल’ जैसे निबंधों में प्रकृति के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं और सांस्कृतिक स्मृतियों को व्यक्त किया गया है। लेखक भारतीय परंपरा में छिपी जीवन-मूल्यों, सौंदर्य-बोध, सहिष्णुता और मानवीयता को उजागर करते हैं तथा रूढ़ियों और संकीर्णताओं पर भी विचार करते हैं। उनकी भाषा विद्वत्तापूर्ण होते हुए भी सहज, रोचक और भावपूर्ण है। यह कृति पाठक को भारतीय संस्कृति, साहित्य और जीवन-दृष्टि को गहराई से समझने के साथ-साथ अपने अतीत और वर्तमान के संबंध पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।

There are no comments on this title.

to post a comment.
📊 Library Statistics
📚
0
Books
💻
0
E-Books
📰
0
E-Journals
🎓
0
Theses
📖
0
E-Theses & Dissertations
📰
0
E-Magazines & Newspapers
🗄️
0
E-Databases
👥
0
Users