Ashok ke phool /

dwivedi , Hajariprasad.

Ashok ke phool / Hajariprasad dwivedi - 7th ed. - New Delhi : Lokbharti Prakashan , 2024 - 176 pages ; 21cm .

Hindi Essay Pros

आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की ‘अशोक के फूल’ एक प्रसिद्ध निबंध-संग्रह है, जिसमें लेखक ने भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य, प्रकृति और मानवीय जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए हैं। इस पुस्तक में लेखक की दृष्टि केवल अतीत के वर्णन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे भारतीय संस्कृति और परंपराओं को वर्तमान जीवन से जोड़कर देखते हैं। ‘अशोक के फूल’ जैसे निबंधों में प्रकृति के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं और सांस्कृतिक स्मृतियों को व्यक्त किया गया है। लेखक भारतीय परंपरा में छिपी जीवन-मूल्यों, सौंदर्य-बोध, सहिष्णुता और मानवीयता को उजागर करते हैं तथा रूढ़ियों और संकीर्णताओं पर भी विचार करते हैं। उनकी भाषा विद्वत्तापूर्ण होते हुए भी सहज, रोचक और भावपूर्ण है। यह कृति पाठक को भारतीय संस्कृति, साहित्य और जीवन-दृष्टि को गहराई से समझने के साथ-साथ अपने अतीत और वर्तमान के संबंध पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।

9788180317804 (Paperback)


Hindi literature
Indian Culture
Indian History

891.434 / DWI/A
📊 Library Statistics
📚
0
Books
💻
0
E-Books
📰
0
E-Journals
🎓
0
Theses
📖
0
E-Theses & Dissertations
📰
0
E-Magazines & Newspapers
🗄️
0
E-Databases
👥
0
Users