Madhyakalina bharat: brajniti, samaja, aur samskrti / Satish Chandra.
Language: Hindi Publication details: Hyderabad : Orient BlackSwan, 2017.Description: 396 pages : illustrations, maps ; 22 cmISBN:- 9789390122646 (paperback)
- 954.02 CHA/M
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Rajbhasha Book (Hindi)
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Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section | Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section | RB | 954.02 CHA/M (Browse shelf(Opens below)) | Available | RB1568 |
Hindi edition of History of Medieval India.
Includes bibliographical references and index.
भारत और विश्व -- उत्तर भारत और दकन : तीन साम्राज्यों का युग -- चोल साम्राज्य -- उत्तर भारत में तुर्की विजय -- दिल्ली सल्तनत -- खिलजी और तुगलक -- बहमनी और विजयनगर राज्य -- सूफी आंदोलन -- भक्ति आंदोलन -- मुगल साम्राज्य -- अकबर -- जहांगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब -- मराठे और अन्य क्षेत्रीय शक्तियाँ -- मध्यकालीन भारतीय समाज, अर्थव्यवस्था और संस्कृति.
'मध्यकालीन भारत' सतीश चंद्र की एक महत्वपूर्ण इतिहास-कृति है, जिसमें लगभग आठवीं से सत्रहवीं शताब्दी तक भारतीय उपमहाद्वीप के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास का व्यापक एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में प्रारंभिक मध्यकालीन राज्यों, चोल, बहमनी और विजयनगर साम्राज्यों, राजपूतों, दिल्ली सल्तनत, सूरी तथा मुगल शासकों और मराठों के इतिहास का विवेचन किया गया है। इसके साथ ही सूफी और भक्ति आंदोलनों, कृषि व्यवस्था, अर्थव्यवस्था, समाज तथा सांस्कृतिक परिवर्तनों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। लेखक ने मध्यकालीन भारत को केवल राजवंशों और युद्धों के इतिहास के रूप में न देखकर राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिवर्तनों की परस्पर संबद्ध प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा भारतीय इतिहास के गंभीर अध्येताओं के लिए उपयोगी संदर्भ ग्रंथ है।
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