Log jo mujhmein reh gaye / Anuradha Beniwal.
Language: Hindi Publication details: New Delhi : Rajkamal Prakashan, 2025.Edition: 3rd editionDescription: 21 cmISBN:- 9789392757327 (paperback)
- 891.43092 BEN/L
| Cover image | Item type | Current library | Home library | Collection | Shelving location | Call number | Materials specified | Vol info | URL | Copy number | Status | Notes | Date due | Barcode | Item holds | Item hold queue priority | Course reserves | |
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Rajbhasha Book (Hindi)
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Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section | Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section | RB | 891.43092 BEN/L (Browse shelf(Opens below)) | Available | RB1602 |
Memoir based on the author's encounters and relationships with people during her travels and life experiences.
'लोग जो मुझमें रह गए' अनुराधा बेनीवाल की संस्मरणात्मक कृति है, जिसमें लेखिका ने अपने जीवन और यात्राओं के दौरान मिले उन लोगों को याद किया है जिन्होंने उनके व्यक्तित्व, सोच और भावनात्मक संसार पर गहरा प्रभाव छोड़ा। पुस्तक में अलग-अलग देशों और परिस्थितियों में हुई मुलाकातों के माध्यम से मानवीय संबंधों, आत्मीयता, दोस्ती, प्रेम, बिछड़ने और स्मृति के अनुभवों को प्रस्तुत किया गया है। लेखिका के लिए यात्रा केवल स्थानों की खोज नहीं, बल्कि मनुष्यों को समझने और उनके जीवन से सीखने की प्रक्रिया भी है। प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ कोई अनुभव, विचार, भावना या स्मृति छोड़ जाता है और इस प्रकार वे लोग भौतिक रूप से दूर होने के बाद भी लेखिका के भीतर जीवित रहते हैं। कृति में विविध संस्कृतियों और जीवन-शैलियों के बीच मानवीय समानताओं को रेखांकित किया गया है तथा यह बताया गया है कि जीवन में मिलने वाले लोग हमारी दृष्टि और व्यक्तित्व को किस प्रकार बदल सकते हैं। आत्मीय भाषा और व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से यह पुस्तक स्मृति, संबंध, यात्रा और मानवीय संवेदना का मार्मिक दस्तावेज प्रस्तुत करती है।
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