Anamika / Suryakant Tripathi Nirala
Language: Hindi Publication details: New Delhi : Rajkamal Prakashan, 2025.Edition: 2nd edDescription: 208 p. : ill. ; 20 cmISBN:- 9788196672638 (pbk.)
- 891.431 TRI/A
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Rajbhasha Book (Hindi)
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Central Library, IIT Bhubaneswar | Central Library, IIT Bhubaneswar | RB | Available | RB1532 |
Includes bibliographical references and index.
अनामिका सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का अत्यंत प्रसिद्ध काव्य संग्रह है जिसमें उन्होंने सौंदर्य प्रेम करुणा समाज सुधार और आत्मचिंतन जैसे विविध भावों को गहराई से प्रस्तुत किया है अनामिका नाम एक रहस्यमयी अज्ञात नारी का प्रतीक है जो कभी प्रेमिका कभी शक्ति तो कभी प्रेरणा बनकर कवि के हृदय में स्थान लेती है इस संग्रह की कविताएं व्यक्तिगत अनुभूति और सामाजिक यथार्थ के बीच सेतु बनाती हैं निराला की शैली मुक्त संवेदनशील और क्रांतिकारी है अनामिका नारी समाज और आत्मा तीनों का सूक्ष्म चित्रण करती हुई हिंदी साहित्य की एक कालजयी कृति बन जाती है लेखक के बारे में: सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला (1899–1961) हिंदी साहित्य के छायावाद युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक थे वे केवल कवि ही नहीं बल्कि कथाकार निबंधकार उपन्यासकार और अनुवादक भी थे उनकी कविता में नवजागरण विद्रोह करुणा और सामाजिक चेतना के स्वर प्रमुख हैं सरोज स्मृति राम की शक्तिपूजा जैसी रचनाएँ भावनात्मक गहराई और काव्य सौंदर्य की मिसाल हैं उनके उपन्यासों और कहानियों में सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदना उजागर होती है कुकुरमुत्ता तुलसीदासश् कुल्ली भाट और सुकुल की बीवी जैसी कृतियाँ उन्हें एक युगप्रवर्तक रचनाकार सिद्ध करती हैं वे साहित्य के माध्यम से समाज को जागरूक बनाने वाले यथार्थवादी रचनाकार थे
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