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Ek sadak ek jagah / Manglesh Dabral.

एक सड़क एक जगह / मंगलेश डबराल. By: Language: Hindi Publication details: New Delhi : Prakashan Sansthan, 2019.Description: 184 pages : illustrations ; 20 cmISBN:
  • 9788194172437 (hardback)
Subject(s): DDC classification:
  • 915.4 DAR/E
Summary: 'एक सड़क एक जगह' मंगलेश डबराल का महत्वपूर्ण यात्रा-संस्मरण है, जिसमें देश-विदेश की यात्राओं, विभिन्न शहरों और स्थानों के अनुभवों को कवि की संवेदनशील दृष्टि से प्रस्तुत किया गया है। लेखक यात्रा के सामान्य विवरण को केवल भौगोलिक या पर्यटक दृष्टि से नहीं देखते, बल्कि स्थानों, लोगों, स्मृतियों, भाषा और कविता के बीच गहरे संबंधों को खोजते हैं। पुस्तक में विभिन्न यात्राओं के दौरान प्राप्त अनुभव व्यक्तिगत स्मृतियों और काव्यात्मक संवेदना के साथ जुड़कर ऐसे संसार का निर्माण करते हैं, जिसमें हर स्थान अपने सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय अर्थों के साथ सामने आता है। लेखक की यात्राएँ प्रायः कविता-पाठ और साहित्यिक कार्यक्रमों से संबंधित हैं, इसलिए इन संस्मरणों में यात्रा और कविता का विशेष अंतर्संबंध दिखाई देता है। सहज, आत्मीय और काव्यात्मक भाषा में लिखी गई यह कृति पाठक को परिचित और अपरिचित दोनों संसारों को एक संवेदनशील यात्री की दृष्टि से देखने का अवसर प्रदान करती है।
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Rajbhasha Book (Hindi) Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section RB 915.4 DAR/E (Browse shelf(Opens below)) Available RB1592
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Travel memoirs based on the author's journeys in India and abroad, many undertaken in connection with poetry readings.

'एक सड़क एक जगह' मंगलेश डबराल का महत्वपूर्ण यात्रा-संस्मरण है, जिसमें देश-विदेश की यात्राओं, विभिन्न शहरों और स्थानों के अनुभवों को कवि की संवेदनशील दृष्टि से प्रस्तुत किया गया है। लेखक यात्रा के सामान्य विवरण को केवल भौगोलिक या पर्यटक दृष्टि से नहीं देखते, बल्कि स्थानों, लोगों, स्मृतियों, भाषा और कविता के बीच गहरे संबंधों को खोजते हैं। पुस्तक में विभिन्न यात्राओं के दौरान प्राप्त अनुभव व्यक्तिगत स्मृतियों और काव्यात्मक संवेदना के साथ जुड़कर ऐसे संसार का निर्माण करते हैं, जिसमें हर स्थान अपने सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय अर्थों के साथ सामने आता है। लेखक की यात्राएँ प्रायः कविता-पाठ और साहित्यिक कार्यक्रमों से संबंधित हैं, इसलिए इन संस्मरणों में यात्रा और कविता का विशेष अंतर्संबंध दिखाई देता है। सहज, आत्मीय और काव्यात्मक भाषा में लिखी गई यह कृति पाठक को परिचित और अपरिचित दोनों संसारों को एक संवेदनशील यात्री की दृष्टि से देखने का अवसर प्रदान करती है।

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