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Return tikat / Ravi Kumar Singh.

रिटर्न टिकट / रवि कुमार सिंह. By: Language: Hindi Publication details: Noida : Hind Yugm, 2023.Description: 222 pages ; 21 cmISBN:
  • 9789392820496
Subject(s): DDC classification:
  • 891.433  SIN/R
Summary: रिटर्न टिकट यात्रा, घर लौटने की इच्छा, स्मृति और मानवीय संबंधों पर आधारित हिन्दी उपन्यास है। शीर्षक में 'रिटर्न टिकट' केवल यात्रा के साधन का संकेत नहीं देता, बल्कि अपने अतीत, परिवार, परिचित परिवेश और अपनी जड़ों की ओर लौटने की मानवीय आकांक्षा का प्रतीक बन जाता है। कथा में पात्र जीवन की परिस्थितियों के कारण अपने परिचित संसार से दूर होते हैं, लेकिन पुरानी स्मृतियाँ और रिश्ते उन्हें बार-बार पीछे मुड़कर देखने के लिए प्रेरित करते हैं। आधुनिक जीवन की भागदौड़, प्रवास, परिवार से दूरी, प्रेम, दोस्ती और अपनी पहचान की तलाश कथा के महत्वपूर्ण पक्ष हैं। लेखक ने सामान्य मनुष्य की भावनाओं और रोजमर्रा के संघर्षों को सहज तथा संवेदनशील शैली में प्रस्तुत किया है। यात्रा और वापसी के रूपक के माध्यम से उपन्यास यह प्रश्न उठाता है कि मनुष्य के लिए वास्तविक घर क्या है और क्या भौगोलिक दूरी व्यक्ति को अपनी स्मृतियों और संबंधों से सचमुच अलग कर सकती है। कृति अंततः घर, स्मृति और अपने लोगों के पास लौटने की भावनात्मक इच्छा को केंद्र में रखती है।
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Rajbhasha Book (Hindi) Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section RB 891.433 SIN/R (Browse shelf(Opens below)) Available RB1612
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Hindi novel.

रिटर्न टिकट यात्रा, घर लौटने की इच्छा, स्मृति और मानवीय संबंधों पर आधारित हिन्दी उपन्यास है। शीर्षक में 'रिटर्न टिकट' केवल यात्रा के साधन का संकेत नहीं देता, बल्कि अपने अतीत, परिवार, परिचित परिवेश और अपनी जड़ों की ओर लौटने की मानवीय आकांक्षा का प्रतीक बन जाता है। कथा में पात्र जीवन की परिस्थितियों के कारण अपने परिचित संसार से दूर होते हैं, लेकिन पुरानी स्मृतियाँ और रिश्ते उन्हें बार-बार पीछे मुड़कर देखने के लिए प्रेरित करते हैं। आधुनिक जीवन की भागदौड़, प्रवास, परिवार से दूरी, प्रेम, दोस्ती और अपनी पहचान की तलाश कथा के महत्वपूर्ण पक्ष हैं। लेखक ने सामान्य मनुष्य की भावनाओं और रोजमर्रा के संघर्षों को सहज तथा संवेदनशील शैली में प्रस्तुत किया है। यात्रा और वापसी के रूपक के माध्यम से उपन्यास यह प्रश्न उठाता है कि मनुष्य के लिए वास्तविक घर क्या है और क्या भौगोलिक दूरी व्यक्ति को अपनी स्मृतियों और संबंधों से सचमुच अलग कर सकती है। कृति अंततः घर, स्मृति और अपने लोगों के पास लौटने की भावनात्मक इच्छा को केंद्र में रखती है।

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