Image from Google Jackets

Azaadi mera brand / Anuradha Beniwal.

आज़ादी मेरा ब्रांड / अनुराधा बेनीवाल. By: Language: Hindi Publication details: New Delhi : Rajkamal Prakashan, 2021.Edition: 2nd editionDescription: 110 pages ; 21 cmISBN:
  • 9788126728367
Subject(s): DDC classification:
  • 910.4 BEN/A
Summary: 'आज़ादी मेरा ब्रांड' अनुराधा बेनीवाल की चर्चित यात्रा-कथा है, जिसमें लेखिका ने यूरोप के विभिन्न देशों की स्वतंत्र यात्राओं के अनुभवों को आत्मीय, सहज और बेबाक शैली में प्रस्तुत किया है। पुस्तक में यात्रा केवल नए स्थानों को देखने का माध्यम नहीं है, बल्कि स्वयं को समझने, सामाजिक रूढ़ियों से मुक्त होने और जीवन को अपनी शर्तों पर जीने की प्रक्रिया के रूप में सामने आती है। लेखिका विभिन्न देशों के शहरों, लोगों, संस्कृतियों, सार्वजनिक जीवन और रोजमर्रा के अनुभवों के माध्यम से स्वतंत्रता और व्यक्तिगत चुनाव के महत्व पर विचार करती हैं। यात्रा के दौरान मिलने वाले लोगों और परिस्थितियों से उन्हें अपने समाज, विशेषकर स्त्रियों की स्वतंत्रता, सुरक्षा, गतिशीलता और सामाजिक अपेक्षाओं को नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर मिलता है। कृति में युवाओं की आकांक्षाएँ, स्त्री-स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता, अकेले यात्रा करने का साहस और दुनिया को स्वयं अनुभव करके समझने की इच्छा प्रमुख रूप से उभरती है। यह पुस्तक पाठक को सीमाओं से बाहर निकलकर अपने जीवन के निर्णय स्वयं लेने और स्वतंत्र सोच विकसित करने की प्रेरणा देती है।
Tags from this library: No tags from this library for this title. Log in to add tags.
Star ratings
    Average rating: 0.0 (0 votes)
Holdings
Cover image Item type Current library Home library Collection Shelving location Call number Materials specified Vol info URL Copy number Status Notes Date due Barcode Item holds Item hold queue priority Course reserves
Rajbhasha Book (Hindi) Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section RB 910.4 BEN/A (Browse shelf(Opens below)) Available RB1601
Total holds: 0

Travel account based on the author's experiences travelling independently through European countries.

'आज़ादी मेरा ब्रांड' अनुराधा बेनीवाल की चर्चित यात्रा-कथा है, जिसमें लेखिका ने यूरोप के विभिन्न देशों की स्वतंत्र यात्राओं के अनुभवों को आत्मीय, सहज और बेबाक शैली में प्रस्तुत किया है। पुस्तक में यात्रा केवल नए स्थानों को देखने का माध्यम नहीं है, बल्कि स्वयं को समझने, सामाजिक रूढ़ियों से मुक्त होने और जीवन को अपनी शर्तों पर जीने की प्रक्रिया के रूप में सामने आती है। लेखिका विभिन्न देशों के शहरों, लोगों, संस्कृतियों, सार्वजनिक जीवन और रोजमर्रा के अनुभवों के माध्यम से स्वतंत्रता और व्यक्तिगत चुनाव के महत्व पर विचार करती हैं। यात्रा के दौरान मिलने वाले लोगों और परिस्थितियों से उन्हें अपने समाज, विशेषकर स्त्रियों की स्वतंत्रता, सुरक्षा, गतिशीलता और सामाजिक अपेक्षाओं को नए दृष्टिकोण से देखने का अवसर मिलता है। कृति में युवाओं की आकांक्षाएँ, स्त्री-स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता, अकेले यात्रा करने का साहस और दुनिया को स्वयं अनुभव करके समझने की इच्छा प्रमुख रूप से उभरती है। यह पुस्तक पाठक को सीमाओं से बाहर निकलकर अपने जीवन के निर्णय स्वयं लेने और स्वतंत्र सोच विकसित करने की प्रेरणा देती है।

There are no comments on this title.

to post a comment.
📊 Library Statistics
📚
0
Books
💻
0
E-Books
📰
0
E-Journals
🎓
0
Theses
📖
0
E-Theses & Dissertations
📰
0
E-Magazines & Newspapers
🗄️
0
E-Databases
👥
0
Users