Guspaithiye /
Valmiki, Omprakash.
Guspaithiye / Omprakash Valmiki. - 4th ed. - New Delhi: Rajkamal Prakashan, 2025. - 118 pages; 21 cm.
Dalit Literature and its struggle.
“घुसपैठिये” ओमप्रकाश वाल्मीकि की एक महत्वपूर्ण हिंदी साहित्यिक कृति है। इस पुस्तक में लेखक ने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव, सामाजिक असमानता, छुआछूत और वंचित वर्ग के संघर्षों को संवेदनशील एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। रचनाओं के माध्यम से दलित समाज के जीवन, उसके अनुभवों, पीड़ा, संघर्ष और सम्मान की आकांक्षा को अभिव्यक्ति मिलती है। लेखक ने सामाजिक व्यवस्था की विसंगतियों और भेदभावपूर्ण मानसिकता पर प्रश्न उठाते हुए समानता और मानवीय गरिमा की आवश्यकता को रेखांकित किया है। पुस्तक पाठकों को सामाजिक वास्तविकताओं को समझने और उन पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित करती है।
9788183618236(Paperback)
Hindi fiction.
Dalit literature.
Short stories
891.433 / VAL/G
Guspaithiye / Omprakash Valmiki. - 4th ed. - New Delhi: Rajkamal Prakashan, 2025. - 118 pages; 21 cm.
Dalit Literature and its struggle.
“घुसपैठिये” ओमप्रकाश वाल्मीकि की एक महत्वपूर्ण हिंदी साहित्यिक कृति है। इस पुस्तक में लेखक ने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव, सामाजिक असमानता, छुआछूत और वंचित वर्ग के संघर्षों को संवेदनशील एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। रचनाओं के माध्यम से दलित समाज के जीवन, उसके अनुभवों, पीड़ा, संघर्ष और सम्मान की आकांक्षा को अभिव्यक्ति मिलती है। लेखक ने सामाजिक व्यवस्था की विसंगतियों और भेदभावपूर्ण मानसिकता पर प्रश्न उठाते हुए समानता और मानवीय गरिमा की आवश्यकता को रेखांकित किया है। पुस्तक पाठकों को सामाजिक वास्तविकताओं को समझने और उन पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित करती है।
9788183618236(Paperback)
Hindi fiction.
Dalit literature.
Short stories
891.433 / VAL/G