Sarkari chay ke liye /
Chararana, Prem shankar
Sarkari chay ke liye / Prem shankar Chardana. - 3rd ed. - New Delhi: Pankti Prakashan, 2025 - 166 Pages; 21 cm.
सरकारी चाय के लिए” प्रेम शंकर चरड़ाना द्वारा लिखित एक हिंदी साहित्यिक कृति है। पुस्तक में लेखक ने समकालीन समाज, सरकारी व्यवस्था, आम आदमी के अनुभवों और सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों को व्यंग्यात्मक एवं रोचक शैली में प्रस्तुत किया है। रचनाओं के माध्यम से व्यवस्था की विसंगतियों, सामाजिक व्यवहार और दैनिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर टिप्पणी की गई है। लेखक की भाषा सरल, सहज और प्रभावशाली है, जिसके माध्यम से गंभीर सामाजिक विषयों को मनोरंजक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक पाठकों को समाज और व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करती है।
9788198175564 ( Paperback)
Hindi fiction
Hindi Novel
891.433 / CHA/S
Sarkari chay ke liye / Prem shankar Chardana. - 3rd ed. - New Delhi: Pankti Prakashan, 2025 - 166 Pages; 21 cm.
सरकारी चाय के लिए” प्रेम शंकर चरड़ाना द्वारा लिखित एक हिंदी साहित्यिक कृति है। पुस्तक में लेखक ने समकालीन समाज, सरकारी व्यवस्था, आम आदमी के अनुभवों और सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों को व्यंग्यात्मक एवं रोचक शैली में प्रस्तुत किया है। रचनाओं के माध्यम से व्यवस्था की विसंगतियों, सामाजिक व्यवहार और दैनिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर टिप्पणी की गई है। लेखक की भाषा सरल, सहज और प्रभावशाली है, जिसके माध्यम से गंभीर सामाजिक विषयों को मनोरंजक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक पाठकों को समाज और व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर सोचने के लिए प्रेरित करती है।
9788198175564 ( Paperback)
Hindi fiction
Hindi Novel
891.433 / CHA/S