Janta store/
Choudhari, Naveen
Janta store/ Naveen Choudhari - 3rd ed. - New Delhi: Rajkamal Prakashan, 2022 - 205 pages; 21 cm.
यह उपन्यास भारतीय समाज और युवा जीवन की पृष्ठभूमि में बदलते सामाजिक मूल्यों, दोस्ती, रिश्तों और व्यक्तिगत आकांक्षाओं को प्रस्तुत करता है। कहानी के माध्यम से लेखक ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के बीच युवाओं के संघर्ष, सपनों और जीवन के अनुभवों को रोचक एवं सहज शैली में चित्रित किया है।
9788183618960
Hindi Fiction.
Indian Society fiction
891.433 / CHO/J
Janta store/ Naveen Choudhari - 3rd ed. - New Delhi: Rajkamal Prakashan, 2022 - 205 pages; 21 cm.
यह उपन्यास भारतीय समाज और युवा जीवन की पृष्ठभूमि में बदलते सामाजिक मूल्यों, दोस्ती, रिश्तों और व्यक्तिगत आकांक्षाओं को प्रस्तुत करता है। कहानी के माध्यम से लेखक ने सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के बीच युवाओं के संघर्ष, सपनों और जीवन के अनुभवों को रोचक एवं सहज शैली में चित्रित किया है।
9788183618960
Hindi Fiction.
Indian Society fiction
891.433 / CHO/J