Tooti hui bikhari hui /
kaul, Manav.
Tooti hui bikhari hui / Manav Kaul. - 3rd ed. - Noida : Hind Yugm, 2025 . - 252 pages ; 21 cm .
fiction book
मानव कौल की ‘टूटी हुई बिखरी हुई’ एक संवेदनशील और भावप्रधान हिंदी कृति है, जिसमें मनुष्य के भीतर चलने वाले अकेलेपन, प्रेम, रिश्तों, स्मृतियों और भावनात्मक संघर्षों को प्रस्तुत किया गया है। रचना में पात्र अपने अतीत, संबंधों और जीवन के अनुभवों से जूझते हुए दिखाई देते हैं। बीती हुई घटनाएँ और रिश्ते उनके वर्तमान जीवन को प्रभावित करते हैं और उन्हें अपने अस्तित्व तथा भावनाओं को समझने के लिए प्रेरित करते हैं। लेखक ने बाहरी घटनाओं की अपेक्षा पात्रों के मन और उनकी आंतरिक स्थितियों को अधिक महत्व दिया है। सरल, आत्मीय और संवेदनशील भाषा के माध्यम से रचना में टूटन, बिखराव, प्रेम, बिछड़ने की पीड़ा और स्वयं को खोजने की प्रक्रिया को उभारा गया है। यह कृति पाठक को मानवीय संबंधों और जीवन की जटिल भावनाओं पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।
9789392820793 (Paperback)
Hindi fiction
Hindi literature
891.433 / KAU/T
Tooti hui bikhari hui / Manav Kaul. - 3rd ed. - Noida : Hind Yugm, 2025 . - 252 pages ; 21 cm .
fiction book
मानव कौल की ‘टूटी हुई बिखरी हुई’ एक संवेदनशील और भावप्रधान हिंदी कृति है, जिसमें मनुष्य के भीतर चलने वाले अकेलेपन, प्रेम, रिश्तों, स्मृतियों और भावनात्मक संघर्षों को प्रस्तुत किया गया है। रचना में पात्र अपने अतीत, संबंधों और जीवन के अनुभवों से जूझते हुए दिखाई देते हैं। बीती हुई घटनाएँ और रिश्ते उनके वर्तमान जीवन को प्रभावित करते हैं और उन्हें अपने अस्तित्व तथा भावनाओं को समझने के लिए प्रेरित करते हैं। लेखक ने बाहरी घटनाओं की अपेक्षा पात्रों के मन और उनकी आंतरिक स्थितियों को अधिक महत्व दिया है। सरल, आत्मीय और संवेदनशील भाषा के माध्यम से रचना में टूटन, बिखराव, प्रेम, बिछड़ने की पीड़ा और स्वयं को खोजने की प्रक्रिया को उभारा गया है। यह कृति पाठक को मानवीय संबंधों और जीवन की जटिल भावनाओं पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।
9789392820793 (Paperback)
Hindi fiction
Hindi literature
891.433 / KAU/T