Gr̥hadāha /
Chattopadhyay, Sarat Chandra,
Gr̥hadāha / Sarat Chandra Chattopadhyay. - New Delhi : Prabhat Prakashan, 2024. - 192 pages ; 22 cm.
Hindi translation of the Bengali novel Griha Daha.
गृहदाह शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की महत्वपूर्ण कृतियों में से एक है। उपन्यास में महिम, सुरेश और अचला के बीच संबंधों के माध्यम से प्रेम, विवाह, मित्रता, सामाजिक रूढ़ियों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संघर्ष को प्रस्तुत किया गया है। अचला का जीवन प्रेम और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच फँस जाता है, जबकि महिम और सुरेश के व्यक्तित्व एवं विचारधाराएँ कथा को गहरे भावनात्मक द्वंद्व की ओर ले जाती हैं। रचना में ब्रह्म समाज और रूढ़िवादी सामाजिक व्यवस्था के बीच वैचारिक अंतर, स्त्री की स्थिति तथा विवाह संस्था की जटिलताओं को भी प्रमुखता दी गई है। मानवीय संवेदनाओं, त्याग, ईर्ष्या, अहंकार और सामाजिक बंधनों का सूक्ष्म चित्रण इस उपन्यास को एक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक कृति बनाता है।
9789352662678 (paperback)
Bengali fiction --Translations into Hindi.
Love stories, Bengali --Translations into Hindi.
Marriage--India --Fiction.
891.443 / CHA/G
Gr̥hadāha / Sarat Chandra Chattopadhyay. - New Delhi : Prabhat Prakashan, 2024. - 192 pages ; 22 cm.
Hindi translation of the Bengali novel Griha Daha.
गृहदाह शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की महत्वपूर्ण कृतियों में से एक है। उपन्यास में महिम, सुरेश और अचला के बीच संबंधों के माध्यम से प्रेम, विवाह, मित्रता, सामाजिक रूढ़ियों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संघर्ष को प्रस्तुत किया गया है। अचला का जीवन प्रेम और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच फँस जाता है, जबकि महिम और सुरेश के व्यक्तित्व एवं विचारधाराएँ कथा को गहरे भावनात्मक द्वंद्व की ओर ले जाती हैं। रचना में ब्रह्म समाज और रूढ़िवादी सामाजिक व्यवस्था के बीच वैचारिक अंतर, स्त्री की स्थिति तथा विवाह संस्था की जटिलताओं को भी प्रमुखता दी गई है। मानवीय संवेदनाओं, त्याग, ईर्ष्या, अहंकार और सामाजिक बंधनों का सूक्ष्म चित्रण इस उपन्यास को एक महत्वपूर्ण सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक कृति बनाता है।
9789352662678 (paperback)
Bengali fiction --Translations into Hindi.
Love stories, Bengali --Translations into Hindi.
Marriage--India --Fiction.
891.443 / CHA/G