Yayati /
khandekar, Vishnu sakharam
Yayati / Vishnu sakharam khandekar - New delhi : Rajpal and Sons, 2013. - 336 pages ; 21 cm.
Mythological fiction
‘ययाति’ वी. एस. खांडेकर का प्रसिद्ध ऐतिहासिक-पौराणिक उपन्यास है, जो महाभारत के राजा ययाति की कथा पर आधारित है। इसमें ययाति की भोग-विलास की इच्छा, प्रेम, सत्ता, वासना और जीवन के प्रति उसके मोह को प्रस्तुत किया गया है। ययाति अपनी युवावस्था बनाए रखने के लिए अपने पुत्र पुरु से उसकी जवानी लेता है, लेकिन अनेक भोगों के बाद भी उसकी इच्छाएँ समाप्त नहीं होतीं। उपन्यास के माध्यम से लेखक यह संदेश देते हैं कि इच्छाओं और भौतिक सुखों की पूर्ति से वास्तविक संतोष प्राप्त नहीं होता। यह कृति मानवीय स्वभाव, त्याग, कर्तव्य और आत्मबोध पर गंभीर विचार प्रस्तुत करती है।
9788170285595 (paperback)
Historical fiction
Human desires
891.433 / KHY/Y
Yayati / Vishnu sakharam khandekar - New delhi : Rajpal and Sons, 2013. - 336 pages ; 21 cm.
Mythological fiction
‘ययाति’ वी. एस. खांडेकर का प्रसिद्ध ऐतिहासिक-पौराणिक उपन्यास है, जो महाभारत के राजा ययाति की कथा पर आधारित है। इसमें ययाति की भोग-विलास की इच्छा, प्रेम, सत्ता, वासना और जीवन के प्रति उसके मोह को प्रस्तुत किया गया है। ययाति अपनी युवावस्था बनाए रखने के लिए अपने पुत्र पुरु से उसकी जवानी लेता है, लेकिन अनेक भोगों के बाद भी उसकी इच्छाएँ समाप्त नहीं होतीं। उपन्यास के माध्यम से लेखक यह संदेश देते हैं कि इच्छाओं और भौतिक सुखों की पूर्ति से वास्तविक संतोष प्राप्त नहीं होता। यह कृति मानवीय स्वभाव, त्याग, कर्तव्य और आत्मबोध पर गंभीर विचार प्रस्तुत करती है।
9788170285595 (paperback)
Historical fiction
Human desires
891.433 / KHY/Y