Joothan Bhag-2
Balmiki, Omprakash
Joothan Bhag-2 Omprakash Balmiki. - 13th Ed. - New Delhi : Rajkamal Prakashan, 2026. - 152 pages. 21 cm.
Autobiographical account of the life of Omprakash Valmiki, depicting the social discrimination, untouchability, poverty, and struggles experienced by Dalits in India. The work is regarded as a landmark in Hindi Dalit literature.
जूठन' (भाग–2) ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा का दूसरा भाग है, जिसमें उनके जीवन के आगे के संघर्षों, उच्च शिक्षा, नौकरी, साहित्यिक यात्रा तथा सामाजिक सक्रियता का विस्तृत वर्णन किया गया है। लेखक ने यह दर्शाया है कि व्यक्तिगत उपलब्धियों के बावजूद जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता विभिन्न संस्थानों और कार्यस्थलों पर किस प्रकार बनी रहती है। यह पुस्तक दलित समाज के अधिकारों, सम्मान, समानता और सामाजिक न्याय के लिए लेखक के निरंतर संघर्ष तथा हिंदी दलित साहित्य में उनके महत्वपूर्ण योगदान को प्रस्तुत करती है। यह समकालीन भारतीय समाज में जाति व्यवस्था की वास्तविकताओं का सशक्त दस्तावेज है।
9788183616935
Dalits--Biography
Untouchability--India
Hindi autobiography
928.9143 / VAL/J
Joothan Bhag-2 Omprakash Balmiki. - 13th Ed. - New Delhi : Rajkamal Prakashan, 2026. - 152 pages. 21 cm.
Autobiographical account of the life of Omprakash Valmiki, depicting the social discrimination, untouchability, poverty, and struggles experienced by Dalits in India. The work is regarded as a landmark in Hindi Dalit literature.
जूठन' (भाग–2) ओमप्रकाश वाल्मीकि की आत्मकथा का दूसरा भाग है, जिसमें उनके जीवन के आगे के संघर्षों, उच्च शिक्षा, नौकरी, साहित्यिक यात्रा तथा सामाजिक सक्रियता का विस्तृत वर्णन किया गया है। लेखक ने यह दर्शाया है कि व्यक्तिगत उपलब्धियों के बावजूद जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता विभिन्न संस्थानों और कार्यस्थलों पर किस प्रकार बनी रहती है। यह पुस्तक दलित समाज के अधिकारों, सम्मान, समानता और सामाजिक न्याय के लिए लेखक के निरंतर संघर्ष तथा हिंदी दलित साहित्य में उनके महत्वपूर्ण योगदान को प्रस्तुत करती है। यह समकालीन भारतीय समाज में जाति व्यवस्था की वास्तविकताओं का सशक्त दस्तावेज है।
9788183616935
Dalits--Biography
Untouchability--India
Hindi autobiography
928.9143 / VAL/J