Image from Google Jackets

Mahasamar : adhikara-2 / Narendra Kohli.

महासमर : अधिकार-2 / नरेंद्र कोहली. By: Language: Hindi Series: Mahāsamar ; v2Publication details: New Delhi : Vani Prakashan, 2012.ISBN:
  • 9788170551980 (hardback)
Subject(s): DDC classification:
  • 891.433 KOH/M
Summary: महासमर : अधिकार-2' नरेंद्र कोहली के 'महासमर' उपन्यास-क्रम का दूसरा खंड है। महाभारत की कथा को आधार बनाकर रचित यह उपन्यास पांडवों के जीवन, उनके अधिकारों, राजपरिवार के भीतर प्रतिस्पर्धा तथा सत्ता-संघर्ष को प्रस्तुत करता है। कथा में पारिवारिक संबंधों, महत्वाकांक्षा, कर्तव्य, नैतिक दुविधाओं और राजनीतिक षड्यंत्रों जैसे विषयों का चित्रण किया गया है। लेखक पौराणिक पात्रों और घटनाओं की पुनर्व्याख्या के माध्यम से मानवीय स्वभाव तथा सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों को उपन्यासात्मक रूप देते हैं। यह कृति महाभारत के प्रसंगों को आधुनिक दृष्टि से समझने और उसके पात्रों के मनोवैज्ञानिक तथा नैतिक पक्षों पर विचार करने में सहायक है।
Tags from this library: No tags from this library for this title. Log in to add tags.
Star ratings
    Average rating: 0.0 (0 votes)
Holdings
Cover image Item type Current library Home library Collection Shelving location Call number Materials specified Vol info URL Copy number Status Notes Date due Barcode Item holds Item hold queue priority Course reserves
Rajbhasha Book (Hindi) Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section RB 891.433 KOH/M (Browse shelf(Opens below)) Available RB1629
Total holds: 0

Second part of the Mahāsamar novel series, based on the Mahabharata.

महासमर : अधिकार-2' नरेंद्र कोहली के 'महासमर' उपन्यास-क्रम का दूसरा खंड है। महाभारत की कथा को आधार बनाकर रचित यह उपन्यास पांडवों के जीवन, उनके अधिकारों, राजपरिवार के भीतर प्रतिस्पर्धा तथा सत्ता-संघर्ष को प्रस्तुत करता है। कथा में पारिवारिक संबंधों, महत्वाकांक्षा, कर्तव्य, नैतिक दुविधाओं और राजनीतिक षड्यंत्रों जैसे विषयों का चित्रण किया गया है। लेखक पौराणिक पात्रों और घटनाओं की पुनर्व्याख्या के माध्यम से मानवीय स्वभाव तथा सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों को उपन्यासात्मक रूप देते हैं। यह कृति महाभारत के प्रसंगों को आधुनिक दृष्टि से समझने और उसके पात्रों के मनोवैज्ञानिक तथा नैतिक पक्षों पर विचार करने में सहायक है।

There are no comments on this title.

to post a comment.
📊 Library Statistics
📚
0
Books
💻
0
E-Books
📰
0
E-Journals
🎓
0
Theses
📖
0
E-Theses & Dissertations
📰
0
E-Magazines & Newspapers
🗄️
0
E-Databases
👥
0
Users
📚
0
Publications