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Ahil/ Rahgir.

आहिल / राहगीर. By: Language: Hindi Publication details: Noida : Hind Yugm, 2023.Description: 192 pages ; 20 cmISBN:
  • 9789392820342 (paperback)
Subject(s): DDC classification:
  • 891.433 RAH/A
Summary: आहिल राहगीर का पहला हिन्दी उपन्यास है। इसकी कथा एक छोटे से गाँव के छोटे से घर में जन्मे और पले-बढ़े आहिल के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। उसका बचपन सामान्य परिस्थितियों से अलग है और जीवन के शुरुआती अनुभव उसके भीतर दुनिया तथा मनुष्यों को देखने का एक अलग दृष्टिकोण विकसित करते हैं। आहिल के सामने जीवन को समझने और अपने लिए रास्ता खोजने की चुनौती है। घर से बाहर निकलने के बाद उसकी यात्रा उसे अनेक नए लोगों, परिस्थितियों और अनुभवों से मिलाती है, जो उसके व्यक्तित्व और जीवन-दृष्टि को लगातार बदलते हैं। उपन्यास में बचपन, अकेलापन, पीड़ा, संघर्ष, प्रेम, घृणा, स्वतंत्रता और आत्म-पहचान जैसे मानवीय अनुभवों को संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया गया है। आहिल की यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने की यात्रा नहीं है, बल्कि स्वयं को समझने, अपने अस्तित्व को पहचानने और जीवन के अर्थ की तलाश करने की यात्रा भी है।
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Rajbhasha Book (Hindi) Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section RB 891.433 RAH/A (Browse shelf(Opens below)) Available RB1604
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Hindi novel.

आहिल राहगीर का पहला हिन्दी उपन्यास है। इसकी कथा एक छोटे से गाँव के छोटे से घर में जन्मे और पले-बढ़े आहिल के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है। उसका बचपन सामान्य परिस्थितियों से अलग है और जीवन के शुरुआती अनुभव उसके भीतर दुनिया तथा मनुष्यों को देखने का एक अलग दृष्टिकोण विकसित करते हैं। आहिल के सामने जीवन को समझने और अपने लिए रास्ता खोजने की चुनौती है। घर से बाहर निकलने के बाद उसकी यात्रा उसे अनेक नए लोगों, परिस्थितियों और अनुभवों से मिलाती है, जो उसके व्यक्तित्व और जीवन-दृष्टि को लगातार बदलते हैं। उपन्यास में बचपन, अकेलापन, पीड़ा, संघर्ष, प्रेम, घृणा, स्वतंत्रता और आत्म-पहचान जैसे मानवीय अनुभवों को संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया गया है। आहिल की यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने की यात्रा नहीं है, बल्कि स्वयं को समझने, अपने अस्तित्व को पहचानने और जीवन के अर्थ की तलाश करने की यात्रा भी है।

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