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Saṃyama / Manav Kaul.

संयम / मानव कौल. By: Language: Hindi Publication details: Noida : Hind Yugm, 2025.Description: 192 pages ; 20 cmISBN:
  • 9788119555024 (paperback)
Subject(s): DDC classification:
  • 891.433 KAU/S
Summary: 'संयम' मानव कौल का आत्मीय और चिंतनशील हिन्दी उपन्यास है, जिसकी कथा एक ऐसे चित्रकार के इर्द-गिर्द विकसित होती है जो जीवन की भीड़ में भीतर से गहरे अकेलेपन का अनुभव करता है। वह रंगों और चित्रों के माध्यम से अपने भीतर की भावनाओं और अनुभवों को व्यक्त करता है, लेकिन जब रंग उसकी अनुभूतियों को व्यक्त करने में असमर्थ हो जाते हैं, तब वह शब्दों का सहारा लेता है। एक मित्र के प्रोत्साहन से वह अपने भीतर दबे अनुभवों और अनकहे भावों को लिखना आरंभ करता है। उपन्यास चित्रकला, लेखन, मौन, अकेलेपन, आत्म-संवाद और मानवीय संवेदनाओं के बीच के संबंध को सूक्ष्मता से प्रस्तुत करता है। यह कृति कलाकार के अंतर्मन, रचनात्मक प्रक्रिया और उन भावनाओं की पड़ताल करती है जिन्हें शब्दों या रंगों के माध्यम से व्यक्त करना हमेशा संभव नहीं होता।
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Rajbhasha Book (Hindi) Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section Central Library, IIT Bhubaneswar Rajbhasha Section RB 891.433 KAU/S (Browse shelf(Opens below)) Available RB1571
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Hindi novel.

'संयम' मानव कौल का आत्मीय और चिंतनशील हिन्दी उपन्यास है, जिसकी कथा एक ऐसे चित्रकार के इर्द-गिर्द विकसित होती है जो जीवन की भीड़ में भीतर से गहरे अकेलेपन का अनुभव करता है। वह रंगों और चित्रों के माध्यम से अपने भीतर की भावनाओं और अनुभवों को व्यक्त करता है, लेकिन जब रंग उसकी अनुभूतियों को व्यक्त करने में असमर्थ हो जाते हैं, तब वह शब्दों का सहारा लेता है। एक मित्र के प्रोत्साहन से वह अपने भीतर दबे अनुभवों और अनकहे भावों को लिखना आरंभ करता है। उपन्यास चित्रकला, लेखन, मौन, अकेलेपन, आत्म-संवाद और मानवीय संवेदनाओं के बीच के संबंध को सूक्ष्मता से प्रस्तुत करता है। यह कृति कलाकार के अंतर्मन, रचनात्मक प्रक्रिया और उन भावनाओं की पड़ताल करती है जिन्हें शब्दों या रंगों के माध्यम से व्यक्त करना हमेशा संभव नहीं होता।

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