| 000 | 02306 a2200265 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 001 | RB1624 | ||
| 003 | IN-BhIIT | ||
| 005 | 20260816204038.0 | ||
| 008 | 260816b |||||||| |||| 00| 0 eng d | ||
| 020 | _a9789388260688 (Hardback) | ||
| 040 | _aIN-BhIIT | ||
| 041 | _ahin | ||
| 082 |
_a891.433 _bMIS/K |
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| 100 |
_aMishra, Govind. _eAuthor. _928451 |
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| 245 |
_6880-02 _aKohre me kaid rang/ _cGovind Mishra. |
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| 260 |
_aKanpur: _bAman Prakashan, _c2025. |
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| 300 |
_a168 pages; _c21 cm. |
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| 500 | _a Rural life-related fiction. | ||
| 520 | _a“कोहरे में कैद रंग” गोविंद मिश्र द्वारा रचित एक संवेदनशील हिंदी साहित्यिक कृति है। पुस्तक में लेखक ने मानवीय जीवन, भावनाओं, संबंधों और बदलते सामाजिक परिवेश को केंद्र में रखते हुए जीवन के विभिन्न अनुभवों को प्रस्तुत किया है। रचनाओं में व्यक्ति के भीतर चलने वाले भावनात्मक द्वंद्व, स्मृतियों, रिश्तों और सामाजिक परिस्थितियों की झलक दिखाई देती है। लेखक की भाषा सहज, संवेदनशील और प्रभावशाली है, जो सामान्य जीवन की घटनाओं और अनुभवों को गहरे मानवीय अर्थ प्रदान करती है। यह कृति पाठकों को जीवन और मानवीय संबंधों के विभिन्न रंगों को समझने तथा उन पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है। | ||
| 650 |
_aHindi fiction. _916150 |
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| 650 |
_aRural life _vfiction. _928452 |
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| 650 |
_aFamily _vFiction. _928453 |
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| 880 |
_6100-02 _aकोहरे में कैद रंग / _cगोविंद मिश्र |
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| 942 | _cRB | ||
| 999 |
_c15680 _d15680 |
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