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020 _a9789387464698(Paperback)
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041 _ahin
082 _a891.433
_bCHA/H
100 _aChawla, Rahul.
_eAuthor.
_928445
245 _6880-02
_aHajaro khwahishen
_cRahul Chawla
250 _a3rd ed.
260 _aNew Delhi:
_bHind yugm,
_c2023.
300 _a253 pages;
_c21cm.
520 _aहजारों ख्वाहिशें डॉ. राहुल चावला की एक संवेदनशील हिंदी कथा-कृति है, जिसमें मानवीय भावनाओं, रिश्तों, प्रेम, सपनों और जीवन के संघर्षों को केंद्र में रखा गया है। कहानी के पात्र अपने जीवन में अनेक इच्छाओं और आकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ते हैं, लेकिन परिस्थितियाँ और सामाजिक वास्तविकताएँ उनके सपनों के सामने कई चुनौतियाँ खड़ी करती हैं। लेखक ने प्रेम और संबंधों के साथ-साथ मनुष्य के भीतर चलने वाले भावनात्मक द्वंद्व, उम्मीद, निराशा और संघर्ष को सहज एवं प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत किया है। उपन्यास में पात्रों की व्यक्तिगत इच्छाओं और वास्तविक जीवन के बीच का अंतर दिखाई देता है। यह कृति पाठक को जीवन की उन अधूरी इच्छाओं और भावनाओं से जोड़ती है, जो प्रत्येक व्यक्ति के मन में किसी न किसी रूप में मौजूद रहती हैं।
650 _aHindi fiction
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650 _aHindi novel
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880 _6100-02
_aहजारों ख्वाहिशें /
_cराहुल चावला
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