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| 020 | _a9788194653837 (Paperback) | ||
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_a891.433 _bVYA/U |
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| 100 |
_aVyas, Satya. _eAuthor. _924425 |
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| 245 |
_6880-02 _aUff kolkata / _cSatya Vyas. |
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| 250 | _a2nd ed. | ||
| 260 |
_aNew Delhi: _bHind yugm, _c2022. |
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| 300 |
_a207 pages; _c21 cm. |
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| 500 | _aHorror fiction | ||
| 520 | _aउफ़्फ़ कोलकाता सत्य व्यास का एक मनोरंजक हिंदी उपन्यास है, जिसमें कोलकाता शहर की पृष्ठभूमि में रहस्य, रोमांच, डर, हास्य और मानवीय रिश्तों को प्रस्तुत किया गया है। कहानी में युवा पात्र कोलकाता के अनजान और रहस्यमय माहौल में ऐसी घटनाओं का सामना करते हैं, जिनमें उन्हें कभी डर तो कभी हास्यास्पद परिस्थितियों का अनुभव होता है। उपन्यास में कोलकाता की गलियों, संस्कृति, खान-पान और स्थानीय वातावरण का सुंदर चित्रण मिलता है। लेखक ने भूत-प्रेत और रहस्य जैसे विषयों को गंभीर भय के बजाय हास्य और सहज संवादों के माध्यम से प्रस्तुत किया है। कहानी के साथ-साथ दोस्ती, प्रेम, साहस और जीवन के अनुभव भी सामने आते हैं। | ||
| 650 |
_aHindi fiction _916150 |
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| 650 |
_aHorror fiction _920422 |
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| 880 |
_6100-02 _aउफ्फ कोलकाता / _cसत्य व्यास |
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