000 02953 a2200265 4500
001 RB1608
003 IN-BhIIT
005 20260814152219.0
008 260814b |||||||| |||| 00| 0 eng d
020 _a9788119555741 (paperback)
040 _aIN-BhIIT
041 _ahin
082 _a891.433
_bCHA/F
100 _aChaturvedi, Madhu,
_eauthor.
_928434
245 _6880-02
_aPhir milogi /
_cMadhu Chaturvedi.
260 _aNoida :
_bHind Yugm,
_c2025.
300 _a256 pages ;
_c20 cm.
500 _aHindi novel.
520 _aफिर मिलोगी मधु चतुर्वेदी का प्रेम, स्मृति और स्त्री-मन की भावनात्मक जटिलताओं पर केंद्रित उपन्यास है। इसकी मुख्य पात्र वसुधा का वैवाहिक जीवन एक गहरे भावनात्मक सूनेपन से गुजर रहा है। उसके मन में वर्षों पहले एक ट्रेन-यात्रा के दौरान हुई एक आकस्मिक मुलाकात की स्मृति आज भी जीवित है। वह मुलाकात भले ही बहुत पीछे छूट चुकी है, लेकिन उससे जुड़ा आकर्षण और भावनात्मक अनुभव उसके भीतर से समाप्त नहीं होता। कथा वर्तमान जीवन और अतीत की स्मृतियों के बीच चलते हुए प्रेम, बिछोह, दाम्पत्य जीवन, अकेलापन, अनकहा मोह और किसी प्रिय व्यक्ति को खोकर भी न भूल पाने की अनुभूति को सामने लाती है। लेखिका स्त्री-मन की सूक्ष्म भावनाओं और स्मृतियों में जीवित रहने वाले संबंधों को संवेदनशील शैली में प्रस्तुत करती हैं। इस दृष्टि से यह केवल प्रेम-कथा नहीं, बल्कि उन रिश्तों और मुलाकातों की कहानी है जो समाप्त हो जाने के बाद भी व्यक्ति के भावनात्मक संसार में बने रहते हैं।
650 _aHindi fiction.
_916150
650 _aHindi novels.
_923418
650 _aLove stories, Hindi.
_912352
880 _6100-02
_aफिर मिलोगी /
_cमधु चतुर्वेदी.
942 _cRB
999 _c15657
_d15657