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_bVYA/C
100 _aVyas, Satya,
_eauthor.
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_aChaurasi /
_cSatya Vyas.
260 _aNoida :
_bHind Yugm,
_c2018.
300 _a125 pages ;
_c21 cm.
500 _aHindi novel.
520 _aचौरासी वर्ष 1984 की ऐतिहासिक और सामाजिक पृष्ठभूमि में लिखा गया हिन्दी उपन्यास है। कथा में प्रेम और मानवीय संबंधों को उस समय के राजनीतिक तनाव, हिंसा और सामाजिक उथल-पुथल के साथ जोड़ा गया है। भोपाल और दिल्ली जैसे शहरों की पृष्ठभूमि में पात्रों का जीवन प्रेम, दोस्ती, परिवार, भय और बदलती परिस्थितियों के बीच आगे बढ़ता है। लेखक ऐतिहासिक घटनाओं को केवल राजनीतिक दृष्टि से देखने के बजाय उन सामान्य लोगों के अनुभवों को सामने लाते हैं जो ऐसी परिस्थितियों के बीच अपना जीवन जी रहे थे। राजनीतिक हिंसा और सामाजिक विभाजन का प्रभाव व्यक्तिगत संबंधों और मानवीय संवेदनाओं पर किस प्रकार पड़ता है, यह उपन्यास का महत्वपूर्ण विषय है। प्रेम और रिश्तों के माध्यम से रचना कठिन समय में मनुष्य की संवेदनशीलता, स्मृति और जिजीविषा को रेखांकित करती है। इस प्रकार चौरासी इतिहास, निजी अनुभव और मानवीय संबंधों के बीच एक गहरा संबंध स्थापित करता है।
650 _aHindi fiction.
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650 _aSocial conflict
_zIndia
_vFiction.
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_vFiction.
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880 _6100-02
_aचौरासी /
_cसत्य व्यास.
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