| 000 | 03283 a2200265 4500 | ||
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| 041 | _ahin | ||
| 082 |
_a891.43 _bSIN/P |
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| 100 |
_aSingh, Raghvendra, _eauthor. _928419 |
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| 245 |
_6880-02 _a615 Purvanchal hostel / _cRaghvendra Singh. |
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| 260 |
_aNoida : _bHind Yugm, _c2023. |
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| 300 |
_a224 pages ; _c22 cm. |
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| 500 | _aHindi novel based on life at Jawaharlal Nehru University. | ||
| 520 | _a615 पूर्वांचल हॉस्टल जेएनयू के विद्यार्थी जीवन पर आधारित हिन्दी उपन्यास है। कहानी में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आया युवा शेखर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पढ़ाई के लिए प्रवेश करता है और वहाँ का वातावरण उसके विचारों, व्यक्तित्व और जीवन-दृष्टि को प्रभावित करता है। इवा और स्वयं जेएनयू भी कथा के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उपन्यास में प्रेम, दोस्ती, छात्र राजनीति, पुस्तकालय में अध्ययन, कैंटीन की चर्चाएँ, वैचारिक मतभेद, द्वंद्व, अकादमिक जीवन और भविष्य की चिंताओं जैसे विद्यार्थी जीवन के अनेक पहलुओं को प्रस्तुत किया गया है। 615 बस, जो जेएनयू को दिल्ली की बाहरी दुनिया से जोड़ती है, उपन्यास में परिसर और बाहरी जीवन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का प्रतीक बन जाती है। लेखक जेएनयू को केवल शिक्षा प्राप्त करने की जगह के रूप में नहीं, बल्कि विचारों, संबंधों, संघर्षों और आत्म-विकास की जीवंत दुनिया के रूप में चित्रित करते हैं। यह उपन्यास युवा आकांक्षाओं, प्रेम, मित्रता, विश्वविद्यालयी राजनीति और जीवन-संघर्षों का संवेदनशील चित्र प्रस्तुत करता है। | ||
| 650 |
_aHindi fiction. _916150 |
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| 650 |
_aHindi novels. _923418 |
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| 650 |
_aCollege students _zIndia _vFiction. _928420 |
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| 880 |
_6100-02 _a615 पूर्वांचल हॉस्टल / _cराघवेंद्र सिंह. |
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