| 000 | 03293 a2200265 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 001 | RB1594 | ||
| 003 | IN-BhIIT | ||
| 005 | 20260818163754.0 | ||
| 008 | 260814b |||||||| |||| 00| 0 eng d | ||
| 020 | _a9789392820380 | ||
| 040 | _aIN-BhIIT | ||
| 041 | _ahin | ||
| 082 |
_a891.433 _bMRI/D |
||
| 100 |
_aMrinal, Nilotpala, _eauthor. _928404 |
||
| 245 |
_6880-02 _aDark horse / _cNilotpala Mrinal. |
||
| 260 |
_aNoida : _bHind Yugm, _c2022. |
||
| 300 |
_a176 pages ; _c21 cm. |
||
| 500 | _aHindi novel about competitive-examination aspirants and their lives in Delhi. | ||
| 520 | _a'डार्क हॉर्स' नीलोत्पल मृणाल का चर्चित हिन्दी उपन्यास है, जिसकी कथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के जीवन, संघर्ष और आकांक्षाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी में छोटे शहरों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से दिल्ली आने वाले युवाओं के सपनों, प्रतियोगी परीक्षाओं की कठिन तैयारी, कोचिंग संस्कृति, आर्थिक दबाव और सामाजिक असमानता का यथार्थपरक चित्रण मिलता है। मित्रता, प्रेम, महत्वाकांक्षा और असफलता के बीच पात्र अपने भविष्य को बनाने के लिए संघर्ष करते हैं। उपन्यास में यह भी दिखाया गया है कि सफलता केवल प्रतिभा पर निर्भर नहीं करती, बल्कि अवसर, परिस्थितियाँ, दृढ़ता और निरंतर प्रयास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 'डार्क हॉर्स' उन युवाओं का प्रतीक बनकर सामने आता है जिन्हें प्रारंभ में कम आंका जाता है, लेकिन वे अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर अप्रत्याशित सफलता प्राप्त करते हैं। यह कृति युवा आकांक्षाओं, प्रतियोगी संस्कृति और समकालीन भारतीय समाज की सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं को रोचक एवं संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत करती है। | ||
| 650 |
_aHindi fiction. _916150 |
||
| 650 |
_aHindi novels. _923418 |
||
| 650 |
_aCompetitive examinations _zIndia _vFiction. _928405 |
||
| 880 |
_6100-02 _aडार्क हॉर्स / _cनीलोत्पल मृणाल. |
||
| 942 | _cRB | ||
| 999 |
_c15643 _d15643 |
||