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020 _a9789394871922 (paperback)
040 _aIN-BhIIT
041 _ahin
082 _a891.431
_bVAN/E
100 _aVani, Shailesh,
_eauthor.
_928402
245 _6880-02
_aEk ghar chand par /
_cShailesh Vani.
260 _aNew Delhi :
_bPrabhat Prakashan,
_c2024.
300 _a118 pages ;
_c21 cm.
520 _a'एक घर चाँद पर' शैलेष वाणी की हिन्दी साहित्यिक कृति है, जिसमें चाँद पर घर बनाने की कल्पना के माध्यम से मानवीय सपनों, आकांक्षाओं, प्रेम, आशा और बेहतर जीवन की खोज को अभिव्यक्त किया गया है। रचना में कल्पना और यथार्थ के बीच का संबंध तथा मनुष्य की उन इच्छाओं को रेखांकित किया गया है जो उसे अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर नए संसार की कल्पना करने के लिए प्रेरित करती हैं। चाँद पर घर का रूपक व्यक्ति के भीतर बसे सुरक्षित, सुंदर और आत्मीय संसार की आकांक्षा का प्रतीक बनकर उभरता है। कृति में मानवीय संवेदनाओं, संबंधों और भविष्य के प्रति आशावादी दृष्टिकोण को सरल एवं प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
650 _aHindi literature.
650 _aHindi poetry.
_917359
650 _aHuman relationships
_vLiterature.
_928403
880 _6100-02
_aएक घर चाँद पर /
_cशैलेष वाणी.
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