| 000 | 02584 a2200265 4500 | ||
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| 001 | RB1591 | ||
| 003 | IN-BhIIT | ||
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| 020 | _a9788195041503 (paperback) | ||
| 040 | _aIN-BhIIT | ||
| 041 | _ahin | ||
| 082 |
_a869.3 _bCOE/A |
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| 100 |
_aCoelho, Paulo, _eauthor. _94276 |
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| 245 |
_6880-02 _aThe archer / _cPaulo Coelho. |
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| 260 |
_aBhopal : _bManjul Publishing House, _c2021. |
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| 300 |
_a160 pages : _billustrations ; _c20 cm. |
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| 500 | _aHindi translation of the author's Portuguese work O arqueiro. | ||
| 520 | _a'द आर्चर' पाओलो कोएलो की प्रेरणादायक रूपक-कथा है, जिसमें एक महान तीरंदाज टेत्सुया एक युवा लड़के को तीरंदाजी के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण सिद्धांतों की शिक्षा देता है। कथा में लक्ष्य निर्धारित करने, एकाग्रता बनाए रखने, धैर्य रखने, असफलताओं से सीखने और अपने भीतर की शक्ति को पहचानने के महत्व को सरल एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। तीर चलाने की प्रक्रिया जीवन की यात्रा का प्रतीक बन जाती है, जहाँ लक्ष्य तक पहुँचना केवल परिणाम प्राप्त करना नहीं, बल्कि तैयारी, अनुशासन, संतुलन, साहस और आत्मविश्वास विकसित करना भी है। पुस्तक पाठकों को अपने सपनों और लक्ष्यों के प्रति सजग रहने तथा कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। | ||
| 650 |
_aArchery _vFiction. _928395 |
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| 650 |
_aSelf-realization _vFiction. _928396 |
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| 650 |
_aPersonal development _vFiction. _928397 |
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| 880 |
_6100-02 _aद आर्चर / _cपाओलो कोएलो. |
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| 942 | _cRB | ||
| 999 |
_c15640 _d15640 |
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