| 000 | 02183 a2200313 4500 | ||
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| 020 | _a9788183618816 (Paperback) | ||
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| 041 | _ahin | ||
| 082 |
_a891.433 _bSAN/D |
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| 100 |
_aSanjeev. _eAuthor. _914067 |
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| 245 |
_6880-02 _aDhar / _cSanjeev |
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| 250 | _a2nd ed. | ||
| 260 |
_aNew Delhi : _bRadhakrishna Prakashan, _c2024 |
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| 300 |
_a200 pages ; _c21 cm. |
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| 500 | _aSociety Fiction. | ||
| 520 | _aधार संजीव का प्रसिद्ध हिंदी उपन्यास है, जिसमें संथाल परगना के आदिवासी जीवन, गरीबी, शोषण और सामाजिक संघर्ष का यथार्थ चित्रण किया गया है। उपन्यास में खनिज संपदा के दोहन, पर्यावरण के विनाश और विकास के नाम पर होने वाले विस्थापन से उत्पन्न समस्याओं को प्रस्तुत किया गया है। आदिवासी समुदाय अपने अधिकारों, अस्तित्व और सम्मान की रक्षा के लिए शोषणकारी व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष और प्रतिरोध करता है। रचना के माध्यम से लेखक ने आदिवासी अस्मिता, सामाजिक अन्याय और मानवीय संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया है। | ||
| 650 |
_aHindi fiction _916150 |
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| 650 |
_aTribal life _928375 |
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| 650 |
_aTribal society _928376 |
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| 650 |
_aSocial exploitation _928377 |
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| 650 |
_aMining and environment _928378 |
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| 650 |
_aSocial conflict _928379 |
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| 880 |
_6100-02 _aधार / _cसंजीव |
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| 942 | _cRB | ||
| 999 |
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