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| 020 | _a9789394871885 (Paperback) | ||
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| 041 | _ahin | ||
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_a891.433 _bSHA/A |
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| 100 |
_aSahu, Gnyanesh _eAuthor _928364 |
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| 245 |
_6880-02 _aAfalatoon / _c Gnyanesh Sahu |
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| 260 |
_aNew Delhi : _bPrabhat prakashan , _c2025 |
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| 300 |
_a168 pages ; _c21 cm . |
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| 520 | _aज्ञानेश साहू का ‘अफ़लातून’ एक हिंदी उपन्यास है, जिसमें अनुराग के जीवन, उसके प्रेम-संबंधों, दोस्ती और व्यक्तिगत अनुभवों को केंद्र में रखा गया है। कहानी में अनुराग के जीवन में आने वाली अलग-अलग महिलाओं और उनके साथ बने रिश्तों के माध्यम से प्रेम, आकर्षण, मित्रता, असफलता और भावनात्मक उलझनों को प्रस्तुत किया गया है। जीवन में मिलने वाले विभिन्न लोगों और परिस्थितियों के कारण अनुराग के विचारों और व्यक्तित्व में बदलाव आता है तथा वह रिश्तों और जीवन की वास्तविकताओं को समझने की कोशिश करता है। उपन्यास में प्रेम को केवल रोमांटिक भावना के रूप में नहीं, बल्कि विश्वास, अपेक्षाओं, गलतफहमियों और जिम्मेदारियों से जुड़े मानवीय अनुभव के रूप में देखा गया है। सरल और सहज भाषा में लिखी गई यह कथा युवाओं के जीवन, उनके संबंधों और भावनात्मक संघर्षों को रोचक ढंग से प्रस्तुत करती है तथा पाठक को प्रेम, दोस्ती और मानवीय रिश्तों के महत्व पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है। | ||
| 650 |
_aHindi Fiction _916150 |
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| 650 |
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| 650 |
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| 880 |
_6100-02 _aअफलातून / _cज्ञानेश साहू |
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| 999 |
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