000 02995 a2200277 4500
001 RB1582
003 IN-BhIIT
005 20260812152634.0
008 260812b |||||||| |||| 00| 0 eng d
020 _a9788180317804 (Paperback)
040 _aIN-BhIIT
041 _ahin
082 _a891.434
_bDWI/A
100 _a dwivedi , Hajariprasad.
_eAuthor
_928363
245 _6880-02
_aAshok ke phool /
_cHajariprasad dwivedi
250 _a7th ed.
260 _aNew Delhi :
_bLokbharti Prakashan ,
_c2024
300 _a176 pages ;
_c21cm .
500 _aHindi Essay Pros
520 _aआचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी की ‘अशोक के फूल’ एक प्रसिद्ध निबंध-संग्रह है, जिसमें लेखक ने भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य, प्रकृति और मानवीय जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए हैं। इस पुस्तक में लेखक की दृष्टि केवल अतीत के वर्णन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे भारतीय संस्कृति और परंपराओं को वर्तमान जीवन से जोड़कर देखते हैं। ‘अशोक के फूल’ जैसे निबंधों में प्रकृति के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं और सांस्कृतिक स्मृतियों को व्यक्त किया गया है। लेखक भारतीय परंपरा में छिपी जीवन-मूल्यों, सौंदर्य-बोध, सहिष्णुता और मानवीयता को उजागर करते हैं तथा रूढ़ियों और संकीर्णताओं पर भी विचार करते हैं। उनकी भाषा विद्वत्तापूर्ण होते हुए भी सहज, रोचक और भावपूर्ण है। यह कृति पाठक को भारतीय संस्कृति, साहित्य और जीवन-दृष्टि को गहराई से समझने के साथ-साथ अपने अतीत और वर्तमान के संबंध पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।
650 _aHindi literature
650 _aIndian Culture
_917246
650 _aIndian History
_93046
880 _6100-02
_aअशोक के फूल /
_cआचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी
942 _cRB
999 _c15631
_d15631