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020 _a9788171783137 (Paperback)
040 _aIN-BhIIT
041 _ahin
082 _a891.433
_bMIS/B
100 _aMishra, Ramdarash ,
_eAuthor.
_928358
245 _6880-02
_aBina darvaje ka makan /
_cRamdarsh mishra.
260 _aNew Delhi :
_bRajkamal Prakashan,
_c2023.
300 _a136 pages ;
_c21cm .
505 _aयह उपन्यास दीपा नामक निम्न वर्ग की एक संघर्षशील महिला के जीवन और उसके सामाजिक संघर्ष की कहानी प्रस्तुत करता है। आर्थिक विपन्नता, पति की शारीरिक निष्क्रियता और सामाजिक शोषण के बीच दीपा अपने जीवन-यापन तथा सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष करती है। दिल्ली की शहरी बस्ती की पृष्ठभूमि में रचा गया यह उपन्यास गरीबी, स्त्री-शोषण, वर्ग-विभाजन, सामाजिक विषमता और मानवीय संघर्ष को उजागर करता है। कथा में गाँव और शहर के जीवन के अंतर तथा सामाजिक व्यवस्था की विसंगतियों को भी प्रस्तुत किया गया है।
650 _aHindi fiction.
_916150
650 _aWomen
_xSocial conditions India Fiction.
_928359
650 _aUrban life
_xIndia Fiction
_928360
880 _6100-02
_aबिना दरवाज़े का मकान /
_cरामदरश मिश्र
942 _cRB
999 _c15628
_d15628