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020 _a9788170285595 (paperback)
040 _aIN-BhIIT
041 _ahin
082 _a891.433
_bKHY/Y
100 _akhandekar, Vishnu sakharam
_eAuthor
_928350
245 _6880-02
_aYayati /
_cVishnu sakharam khandekar
260 _aNew delhi :
_bRajpal and Sons,
_c2013.
300 _a336 pages ;
_c21 cm.
500 _aMythological fiction
520 _a‘ययाति’ वी. एस. खांडेकर का प्रसिद्ध ऐतिहासिक-पौराणिक उपन्यास है, जो महाभारत के राजा ययाति की कथा पर आधारित है। इसमें ययाति की भोग-विलास की इच्छा, प्रेम, सत्ता, वासना और जीवन के प्रति उसके मोह को प्रस्तुत किया गया है। ययाति अपनी युवावस्था बनाए रखने के लिए अपने पुत्र पुरु से उसकी जवानी लेता है, लेकिन अनेक भोगों के बाद भी उसकी इच्छाएँ समाप्त नहीं होतीं। उपन्यास के माध्यम से लेखक यह संदेश देते हैं कि इच्छाओं और भौतिक सुखों की पूर्ति से वास्तविक संतोष प्राप्त नहीं होता। यह कृति मानवीय स्वभाव, त्याग, कर्तव्य और आत्मबोध पर गंभीर विचार प्रस्तुत करती है।
650 _aHistorical fiction
650 _aHuman desires
_928344
880 _6100-02
_aययाति /
_cवी.एस. खांडेकर
942 _cRB
999 _c15625
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