| 000 | 01872 a2200277 4500 | ||
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| 001 | RB1575 | ||
| 003 | IN-BhIIT | ||
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| 020 | _a9788193732663 (paperback) | ||
| 040 | _aIN-BhIIT | ||
| 041 | _ahin | ||
| 082 |
_a891.433 _bSHA/P |
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| 100 |
_aSharma, Nasira _eAuthor _928349 |
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| 245 |
_6880-02 _aParijat / _cNasira Sharma |
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| 260 |
_aNew Delhi : _bKitabghar Prakashan, _c2017. |
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| 300 |
_a504 pages ; _c21 cm. |
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| 520 | _a‘पारिजात’ नासिरा शर्मा का प्रसिद्ध उपन्यास है, जिसमें प्रेम, परिवार, मानवीय संबंधों और सामाजिक-सांस्कृतिक विविधता को प्रस्तुत किया गया है। उपन्यास के पात्रों के माध्यम से बदलते समय में रिश्तों की जटिलता, पहचान और पारिवारिक मूल्यों को दिखाया गया है। इसमें भारतीय संस्कृति और गंगा-जमुनी तहज़ीब की सुंदर झलक मिलती है। उपन्यास का मुख्य संदेश मानवीय प्रेम, आपसी समझ और रिश्तों को बनाए रखने के महत्व से जुड़ा है। | ||
| 650 |
_aHindi fiction. _916150 |
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| 650 |
_aFamily relationships _928340 |
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| 650 |
_aSocial change _91095 |
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| 650 |
_aIndian culture _917246 |
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| 650 |
_aHuman relationships _928341 |
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| 880 |
_6100-02 _aपारिजात / _cनासिरा शर्मा |
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| 942 | _cRB | ||
| 999 |
_c15624 _d15624 |
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