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_bKAU/S
100 _aKaul, Manav,
_eauthor.
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_aSaṃyama /
_cManav Kaul.
260 _aNoida :
_bHind Yugm,
_c2025.
300 _a192 pages ;
_c20 cm.
500 _aHindi novel.
520 _a'संयम' मानव कौल का आत्मीय और चिंतनशील हिन्दी उपन्यास है, जिसकी कथा एक ऐसे चित्रकार के इर्द-गिर्द विकसित होती है जो जीवन की भीड़ में भीतर से गहरे अकेलेपन का अनुभव करता है। वह रंगों और चित्रों के माध्यम से अपने भीतर की भावनाओं और अनुभवों को व्यक्त करता है, लेकिन जब रंग उसकी अनुभूतियों को व्यक्त करने में असमर्थ हो जाते हैं, तब वह शब्दों का सहारा लेता है। एक मित्र के प्रोत्साहन से वह अपने भीतर दबे अनुभवों और अनकहे भावों को लिखना आरंभ करता है। उपन्यास चित्रकला, लेखन, मौन, अकेलेपन, आत्म-संवाद और मानवीय संवेदनाओं के बीच के संबंध को सूक्ष्मता से प्रस्तुत करता है। यह कृति कलाकार के अंतर्मन, रचनात्मक प्रक्रिया और उन भावनाओं की पड़ताल करती है जिन्हें शब्दों या रंगों के माध्यम से व्यक्त करना हमेशा संभव नहीं होता।
650 _aHindi fiction.
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650 _aHindi novels.
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_cमानव कौल.
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