| 000 | 02343 a2200265 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 001 | RB1563 | ||
| 003 | IN-BhIIT | ||
| 005 | 20260806155414.0 | ||
| 008 | 260806b |||||||| |||| 00| 0 eng d | ||
| 020 | _a9789352291656 (paperback) | ||
| 040 | _aIN-BhIIT | ||
| 041 | _ahin | ||
| 082 |
_a891.431 _bGON/S |
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| 100 |
_aGondvi, Adam, _eauthor. _928288 |
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| 245 |
_6880-02 _aSamaya se muṭhabheṛ / _cAdam Gondvi. |
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| 250 | _a5th edition. | ||
| 260 |
_aNew Delhi : _bVani Prakashan, _c2023. |
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| 300 |
_a108 pages ; _c22 cm. |
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| 500 | _aCollection of Hindi ghazals and poems reflecting contemporary Indian society, rural life and socio-political realities. | ||
| 520 | _a'समय से मुठभेड़' जनकवि अदम गोंडवी का अत्यंत चर्चित काव्य-संग्रह है, जिसमें ग़ज़लों और कविताओं के माध्यम से भारतीय समाज की सामाजिक विषमता, ग्रामीण जीवन, जातिगत भेदभाव, राजनीतिक भ्रष्टाचार, आर्थिक असमानता तथा शोषित-वंचित वर्ग की पीड़ा को सशक्त स्वर दिया गया है। कवि की रचनाएँ जनसरोकारों, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत हैं। सरल, प्रभावशाली एवं व्यंग्यात्मक भाषा में लिखी गई ये कविताएँ समकालीन भारतीय समाज की वास्तविकताओं को उजागर करते हुए पाठकों को सामाजिक परिवर्तन और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देती हैं। | ||
| 650 |
_aHindi poetry. _917359 |
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| 650 |
_aHindi ghazals. _928289 |
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| 880 |
_6100-02 _aसमय से मुठभेड़ / _cअदम गोंडवी. |
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| 942 | _cRB | ||
| 999 |
_c15612 _d15612 |
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