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040 _aIN-BhIIT
041 _ahin
082 _a780.954
_bGAU/S
100 _aGaur, Tarun
_eAuthor
_927934
245 _6880-02
_aSangeet aur bharatiya darshan :
_bupanishad, ved, aur puranon ka yogdan /
_cTarun Gaur
260 _a[S.l.] :
_b[s.n.] ;
_c2025.
300 _a201 p. :
_bill. ;
_c20 cm.
504 _aIncludes bibliographical references and index.
520 _aभारतीय संगीत सिर्फ सुरों और रागों का संसार नहीं, बल्कि एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव है। यह पुस्तक "संगीत और भारतीय दर्शन" उस आध्यात्मिक और दार्शनिक यात्रा की खोज है जिसमें संगीत और भारतीय ज्ञान परंपरा एक-दूसरे के पूरक बन जाते हैं। इस पुस्तक में लेखक तरुण गौड़ ने उपनिषदों, वेदों और पुराणों में छिपे उस गूढ़ ज्ञान को सामने रखा है जो संगीत को आत्मा से जोड़ता है। यह सिर्फ एक संगीत की किताब नहीं है, बल्कि एक दृष्टिकोण है — एक ऐसा सेतु जो रचनात्मकता, भक्ति और दर्शन को एक सूत्र में बांधता है। इस पुस्तक में आपको मिलेगा: भारतीय दर्शन की मूल अवधारणाएं और उनका संगीत से संबंध वेदों और उपनिषदों में संगीत के उल्लेख पुराणों के माध्यम से संगीत का सामाजिक और आध्यात्मिक योगदान ध्यान, साधना और रागों का गूढ़ मेल जो लोग संगीत को केवल कला नहीं, एक साधना मानते हैं — उनके लिए यह पुस्तक एक अनमोल मार्गदर्शिका है।
650 _aMusic and philosophy
_zIndia
_927938
880 _6100-02
_aसंगीत और भारतीय दर्शन :
_b उपनिषद, वेद, और पुराणों का योगदान /
_cतरुण गौड़
942 _cRB
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_d15458