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040 _aIN-BhIIT
041 _ahin
082 _a891.432
_bPRA/S
100 _aPrasad, Jaishankar
_eAuthor
_927836
245 _6880-02
_aSkandagupta /
_cJaishankar Prasad
260 _aChandigarh :
_bAbhishek Publications,
_c2022.
300 _a150 p. :
_bill. ;
_c20 cm.
504 _aIncludes bibliographical references and index.
520 _aस्कन्दगुप्त प्राचीन भारत में तीसरी से पाँचवीं सदी तक शासन करने वाले गुप्त राजवंश के आठवें राजा थे। इनकी राजधानी पाटलिपुत्र थी जो वर्तमान समय में पटना के रूप में बिहार की राजधानी है। स्कन्दगुप्त ने जितने वर्षों तक शासन किया उतने वर्षों तक युद्ध किया। भारत की बर्बर हूणों से रक्षा करने का श्रेय स्कन्दगुप्त को जाता है। हूण मध्य एशिया में निवास करने वाले बर्बर कबीलाई लोग थे। उन्होंने हिन्दु कुश पार कर गन्धार पर अधिकार कर लिया और फिर महान गुप्त साम्राज्य पर धावा बोला। परंतु वीर स्कन्दगुप्त ने उनका सफल प्रतिरोध कर उन्हें खदेड़ दिया। हूणों के अतिरिक्त उसने पुष्यमित्रों को भी विभिन्न संघर्षों में पराजित किया। पुष्यमित्रों को परास्त कर अपने नेतृत्व की योग्यता और शौर्य को सिद्ध कर स्कन्दगुप्त ने विक्रमादित्य कि उपाधि धारण की. उसने विष्णु स्तम्भ का निर्माण करवाया. स्कन्दगुप्त नाटक भारत के प्रसिद्ध साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की प्रमुख रचनाओं में से एक है। इस नाटक में इतिहास प्रसिद्ध स्कन्दगुप्त को नायक बनाया गया है.
650 _aHindi drama.
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650 _aHistorical drama, Hindi.
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880 _6100-02
_aस्कंदगुप्त /
_cजयशंकर प्रसाद
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