| 000 | 01823 a2200241 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 001 | RB1537 | ||
| 003 | IN-BhIIT | ||
| 005 | 20260602172234.0 | ||
| 008 | 260601b |||||||| |||| 00| 0 eng d | ||
| 020 | _a 9789386870018 (hbk.) | ||
| 040 | _aIN-BhIIT | ||
| 041 | _ahin | ||
| 082 |
_a920.02 _bPRA/V |
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| 100 |
_aPrasad, Shukdeo _eAuthor _927935 |
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| 245 |
_6880-02 _aVaigyanikon ka bachpan / _cShukdeo Prasad |
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| 260 |
_aNew Delhi : _bPrabhat Prakashan, _c2017. |
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| 300 |
_a68 p. : _bill. ; _c29 cm. |
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| 504 | _aIncludes bibliographical references and index. | ||
| 520 | _aइस पुस्तक में ऐसे ही कुछ वैज्ञानिकों के बचपन पर प्रकाश डाला गया है। इससे बच्चे जान सकेंगे कि प्रायः सभी महान वैज्ञानिकों का बचपन आम बच्चों की ही तरह था। वे भी उन्हीं की तरह पले-बढ़े और महान हुए। बल्कि बहुतों का बचपन तो अभावों से भरा था फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी, वे संघर्षां के बीच पनपे-बढ़े और अपने आविष्कारों से दुनिया को चमत्कृत किया। अपनी वैज्ञानिक सेवाएँ मानवता के लिए अर्पित की और नया इतिहास बनाया। | ||
| 650 |
_aScientists _vBiography _927941 |
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| 880 |
_6100-02 _aवैज्ञानिको का बचपन / _cशुकदेव प्रसाद |
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| 942 | _cRB | ||
| 999 |
_c15405 _d15405 |
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