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| 041 | _ahin | ||
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_a891.433 _bBIS/C |
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| 100 |
_aBishnoi, Kailash Manju _eAuthor _927840 |
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| 245 |
_6880-02 _aCollector sahiba : _bUPSC wala love / _cKailash Manju Bishnoi. |
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| 260 |
_aBhopal : _bManjul Publishing House, _c2024. |
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| 300 |
_a161 p. : _bill. ; _c19 cm. |
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| 504 | _aIncludes bibliographical references and index. | ||
| 520 | _aइस उपन्यास की मुख्य किरदार एक आईएएस अधिकारी एंजल है। इस रचना के माध्यम से एंजल की जिजीविषा और संघर्ष के धागों से बुनी हुई कहानी को प्रस्तुत करने के साथ-साथ उसके आईएएस में चयनित हो जाने के बाद मसूरी के लबासना ट्रेनिंग माहौल को भी चित्रित करने की कोशिश की गई है। शुरुआती अध्यायों में सिविल सेवा की तैयारी करने वाले चार अभ्यर्थियों के यारी दोस्ती के किस्से हैं। यह उपन्यास भारत के हर उस नवयुवक की कहानी है जो बड़े सपने देखता है और समाज और दोस्तों के ताने सुनकर भी अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहता है। साथ ही कोरोना काल में प्रतियोगी छात्रों को किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा, उसका भी चित्रण किया है। इसके अलावा इस रचना के माध्यम से प्रशासनिक भ्रष्टाचार और लालफीताशाही पर प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है। इस कृति की लव स्टोरी छोटे शहरों की छोटी सोच से लड़ने की स्टोरी है। यह प्यार और आईएएस कैडर में से किसी एक को चुनने से जुड़ी हुई एक रोचक कहानी है। पैसा, पद, पावर, सामाजिक स्टेटस से ज्यादा अपने प्रेम को अहमियत देकर गिरीश और एंजल ने सामाजिक बंदिशों की छाया अपने रिश्ते पर नहीं पड़ने दी तथा हमेशा एक-दूसरे की ताकत बन खड़े रहे और आखिरकार एक दूसरे के हो गए। एक तरह से पूरी कहानी में मोहब्बत की सौंधी खुशबू बसी है। | ||
| 650 |
_aHindi fiction. _916150 |
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| 650 |
_aRomance fiction. _920509 |
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| 880 |
_6100-02 _aकलेक्टर साहिबा : _bUPSC वाला लव / _cकैलाश मांजू बिश्नोई |
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| 942 | _cRB | ||
| 999 |
_c15353 _d15353 |
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