| 000 | 02784 a2200241 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 001 | RB1466 | ||
| 003 | IN-BhIIT | ||
| 005 | 20260121154807.0 | ||
| 008 | 260120b |||||||| |||| 00| 0 eng d | ||
| 020 | _a9788183227025 (pbk. ) | ||
| 040 | _aIN-BhIIT | ||
| 041 | _ahin | ||
| 082 |
_a891.431 _bIND/N |
||
| 100 |
_a Indori, Rahat _eAuthor _926047 |
||
| 245 |
_6880-02 _aNaraz / _cRahat Indori |
||
| 250 | _a13th ed. | ||
| 260 |
_aBhopal : _bManjul Publishing House, _c2016. |
||
| 300 |
_a133 p. : _bill. ; _c14 cm. |
||
| 520 | _aनाराज़ राहत इंदौरी राहत की पहचान के कई हवाले हैं - वो रंगों और रेखाओं के फनकार भी हैं, कॉलेज में साहित्य के उस्ताद भी, मक़बूल फिल्म के गीतकार भी हैंऔर हर दिल अज़ीज़ मशहूर शायर भी है I इन सबके साथ राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों की पृष्ठभूमि में इंसान की अंदरुनी और बाहरी कश्मकश के प्रत्यक्षदर्शी भी हैं I राहत की शख़्सियत के तमाम पहलू उनकी ग़ज़ल के संकेतों और प्रतीकों में छलकते हैं I उनकी शायरी की सामूहिक प्रकृति विद्रोही और व्यंगात्मक है, जो सहसा ही परिस्तिथियों का ग़ज़ल के द्वारा सर्वेक्षण और विश्लेषण भी है I राहत की शायरी की भाषा भी उनके विचारों की तरह सूफ़ीवाद का प्रतिबिंब है I प्रचारित शब्दावली और अभिव्यक्ति की प्रचलित शैली से अलग अपना रास्ता बनाने के साहस ने ही राहत के सृजन की परिधि बनाई है I निजी अवलोकन और अनुभवों पर विश्वास ही उनके शिल्प की सुंदरता और उनकी शायरी की सच्चाई है I - निदा फाज़ली | ||
| 650 |
_aPoetry (hindi) _927096 |
||
| 880 |
_6100-02 _aनाराज़ / _bराहत इंदौरी के द्वारा रचित |
||
| 942 | _cRB | ||
| 999 |
_c15091 _d15091 |
||