| 000 | 04095 a2200241 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 001 | RB1477 | ||
| 003 | IN-BhIIT | ||
| 005 | 20250808125304.0 | ||
| 008 | 250808b |||||||| |||| 00| 0 eng d | ||
| 020 | _a9789393768025 (hbk.) | ||
| 040 | _aIN-BhIIT | ||
| 041 | _aeng | ||
| 082 |
_a954 _bNEH/K |
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| 100 |
_aNehru, Jawaharlal _eAuthor _926262 |
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| 245 |
_6880-02 _aKaun hain bharat mata?' : _bitihas, sanskriti aur bharat ki sankalpana / _cJawaharlal Nehrul; edited by Pooja Shrivastava |
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| 260 |
_aNew Delhi : _bRajkamal Prakashan, _c2022. |
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| 300 |
_a 512 pages : _c20 cm. |
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| 520 | _aकिताब के बारे में ‘यह भारतमाता कौन है, जिसकी जय आप देखना चाहते हैं?’ 1936 की एक सार्वजनिक सभा में जवाहरलाल नेहरू ने लोगों से यह सवाल पूछा। फिर उन्होंने कहा—बेशक ये पहाड़ और नदियाँ, जंगल और मैदान सबको बहुत प्यारे हैं, लेकिन जो बात जानना सबसे ज़रूरी है वह यह कि इस विशाल भूमि में फैले भारतवासी सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं। भारतमाता यही करोड़ों-करोड़ जनता है और भारतमाता की जय उसकी भूमि पर रहने वाले इन सब की जय है।’ यह किताब इस सच्ची लोकतांत्रिक भावना और समावेशी दृष्टिकोण को धारण करने वाले शानदार दिमाग़ को हमारे सामने रखती है। यह पुस्तक आज के समय में ख़ासतौर से प्रासंगिक है जब ‘राष्ट्रवाद’ और ‘भारतमाता की जय’ के नारे का इस्तेमाल भारत के विचार को एक आक्रामक चोगा पहनाने के लिए किया जा रहा है जिसमें यहाँ रहनेवाले करोड़ों निवासियों और नागरिकों को छोड़ दिया गया है। ‘कौन हैं भारतमाता?’ में नेहरू की क्लासिक किताबों—‘आत्मकथा’, ‘विश्व इतिहास की झलक’ और ‘भारत की खोज’—से लेख और अंश लिये गए हैं। उनके भाषण, निबन्ध और पत्र, उनके कुछ बहुत प्रासंगिक साक्षात्कार भी इसमें हैं। संकलन के दूसरे भाग में नेहरू का मूल्यांकन करते हुए अन्य लेखकों के अलावा महात्मा गांधी, भगत सिंह, सरदार पटेल, मौलाना आज़ाद समेत अनेक महत्त्वपूर्ण हस्तियों के आलेख शामिल हैं। इसकी विरासत आज भी महत्त्वपूर्ण बनी हुई है |. | ||
| 650 |
_aHistory _zIndia _920952 |
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| 700 |
_aPooja Shrivastab _eEditor _926263 |
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| 880 |
_6100-01 _aकौन हैं भारत माता?: इतिहास, संस्कृति और भारत की संकल्पना / _bजवाहरलाल नेहरू; एवं पूजा श्रीवास्तव के द्वारा संपादित। |
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| 942 | _cRB | ||
| 999 |
_c15012 _d15012 |
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