| 000 | 03973 a2200253 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 001 | RB1473 | ||
| 003 | IN-BhIIT | ||
| 005 | 20260120154025.0 | ||
| 008 | 260120b |||||||| |||| 00| 0 eng d | ||
| 020 | _a978-9388754781 (pbk.) | ||
| 040 | _aIN-BhIIT | ||
| 041 | _ahin | ||
| 082 |
_a158.1 _bJAI/R |
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| 100 |
_aJain, Nishant _eAuthor _916330 |
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| 245 |
_6880-02 _aRuk jaana nahin: _bSafalta ki raha par badhte jaane kee prerak mantra / _cNishant Jain |
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| 260 |
_aNoida : _bHind Yugam, _c2019. |
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| 300 |
_a158 p. : _bill. ; _c14 cm. |
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| 520 | _aयह किताब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हिंदी मीडियम के युवाओं को केंद्र में रखकर लिखी गई है।इस किताब में कोशिश की गई है कि हिंदी पट्टी के युवाओं की ज़रूरतों के मुताबिक़ कैरियर और ज़िंदगी दोनों की राह में उनकी सकारात्मक रूप से मदद की जाए। इस किताब के छोटे-छोटे लाइफ़ मंत्र इस किताब को खास बनाते हैं। ये छोटे-छोटे मंत्र जीवन में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।इस किताब की कुछ और ख़ासियतें भी हैं। इसमें पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के प्रैक्टिकल नुस्ख़ों के साथ स्ट्रेस मैनेजमेंट, टाइम मैनेजमेंट पर भी विस्तार से बात की गई है। चिंतन प्रक्रिया में छोटे-छोटे बदलाव लाकर अपने कैरियर और ज़िंदगी को काफ़ी बेहतर बनाया जा सकता है। विद्यार्थियों के लिए रीडिंग और राइटिंग स्किल को सुधारने पर भी इस किताब में बात की गई है। कुल मिलाकर किताब में कोशिश की गई है कि सरल और अपनी-सी लगने वाली भाषा में युवाओं के मन को टटोलकर उनके मन के ऊहापोह और उलझनों को सुलझाया जा सके।इस मोटिवेशनल किताब में असफलता को हैंडल करने और सफलता की राह पर बढ़ते जाने कुछ नुस्ख़े भी सुझाए हैं। ऐसे 26 युवाओं की सफलता की शानदार कहानियाँ भी उन्हीं की ज़ुबानी इस किताब के अंत में शामिल हैं, जिन्होंने तमाम प्रतिकूलताओं के बावजूद ‘रुक जाना नहीं’ का मंत्र अपनाकर सफलता की राह बनाई और युवाओं के प्रेरणास्त्रोत बने। | ||
| 650 |
_aself-improvement _927083 |
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| 650 |
_aself-actualization psychology _926250 |
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| 650 |
_apersonal success _927084 |
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| 880 |
_6100-02 _aरुक जाना नहीं : _bसफलता की राह पर आगे बढ़ते जाने के प्रेरक मंत्र / _cनिशांत जैन |
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| 942 | _cRB | ||
| 999 |
_c14998 _d14998 |
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