| 000 | 03848cam a22002531a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 001 | RB1460 | ||
| 003 | IN-BhIIT | ||
| 005 | 20250808162024.0 | ||
| 008 | 800501s1940 nyua b 000 0 eng | ||
| 020 | _a9788126722853 (hbk.) | ||
| 040 | _aIN-BhIIT | ||
| 041 | _ahin | ||
| 082 |
_a132 _bBRO/P |
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| 100 | 1 |
_aBrown, J. F. _eAuthor _926273 |
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| 245 | 1 | 4 |
_aAsamanya vyavahar ki manogatiki / _cJ. F. Brown ; translated by Shobhana Shah. |
| 260 |
_aNew Delhi : _bRajkamal Prakashan, _c2022. |
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| 300 |
_a535 p. : _bill. ; _c24 cm. |
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| 504 | _aIncludes bibliographical references and index. | ||
| 520 | _aजे.एफ. ब्राउन द्वारा लिखी बहुचर्चित पुस्तक ‘द साइकोडायनैमिक्स ऑफ एबनॉर्मल बिहेवियर’ का पहला संस्करण 1940 में प्रकाशित हुआ था। तब से अब तक यह पुस्तक विशिष्ट बनी हुई है। एक बुनियादी पाठ्य पुस्तक के रूप में इसे कालजयी कृति का महत्त्व प्राप्त है। ‘असामान्य व्यवहार की मनोगतिकी’ इसी पुस्तक का हिन्दी अनुवाद है। विषय की अधिकारी विद्वान डॉ. शोभना शाह ने अनुवाद करते हुए पारिभाषिक शब्दावली, तकनीकी विवरण और जटिल विवेचन की बहुलता के बाद भी सुगमता, स्पष्टता एवं सम्प्रेषणीयता का ध्यान रखा है। अनुवादक डॉ. शोभना शाह पुस्तक के महत्त्व को इन शब्दों में रेखांकित करती हैं, ‘‘यह पुस्तक फ्रायड के मनोविश्लेषण सिद्धान्त के आधार पर मानव मन की सूक्ष्म परतों को खोलती है और मानव विकास की विविध मनोगत्यात्मक अवस्थाओं की व्याख्या बड़े सरल और सुग्राही शब्दों में करती है। इस दृष्टि से यह एक अद्वितीय कृति है। ‘‘यद्यपि इस पुस्तक के बाद अनेक पुस्तकें लिखी गईं परन्तु इस पुस्तक का अपना विशिष्ट स्थान है। इसमें विविध असामान्यताओं की आधारभूत व्याख्या बड़े विश्वसनीय तरीके से सरल शब्दों में की गई है। इसे संभवतया असामान्य मानव व्यवहार पर बाद में लिखे गए साहित्य की दिशा-निर्देशक कहा जा सकता है।’’ अनेक रूपों में एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक। | ||
| 650 | 0 |
_aPsychology, Pathological. _921474 |
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| 700 | 1 |
_aShah, Shobhana _eTranslator _926274 |
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| 880 |
_6100-01 _aअसामान्य व्यवहार की मनोगतिकी / _cजे ऍफ़ ब्राउन; शोभना शाह के द्वारा अनुबादित। |
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| 942 | _cRB | ||
| 999 |
_c14950 _d14950 |
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