TY - GEN AU - Joshi, Sharad, TI - Nadi me khada kavi / SN - 9789390971831 (paperback) U1 - 891.434 PY - 2021/// CY - New Delhi PB - Rajkamal Prakashan, KW - Hindi essays KW - Hindi satire KW - Satire, Hindi KW - Social conditions KW - India KW - Satire N1 - Collection of Hindi satirical essays N2 - नदी में खड़ा कवि शरद जोशी के चर्चित व्यंग्य-लेखों का संग्रह है। इसमें लेखक ने सामाजिक जीवन, राजनीति, प्रशासन, पाखंड, भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और मानवीय व्यवहार की विसंगतियों को हास्य और तीखी आलोचनात्मक दृष्टि के साथ प्रस्तुत किया है। सामान्य जीवन की छोटी-छोटी घटनाओं और परिस्थितियों को आधार बनाकर शरद जोशी उनके भीतर छिपी विडंबनाओं को उजागर करते हैं। उनकी भाषा सहज, चुटीली और प्रभावशाली है, जिसमें मनोरंजन के साथ गंभीर सामाजिक सरोकार भी जुड़े हुए हैं। संग्रह के व्यंग्य पाठक को केवल हँसाते नहीं, बल्कि अपने आसपास की व्यवस्था, सामाजिक व्यवहार और सार्वजनिक जीवन पर सोचने के लिए भी प्रेरित करते हैं। पाखंड, दिखावा, भ्रष्टाचार, सामाजिक असमानता और प्रशासनिक विसंगतियों पर लेखक का व्यंग्य विशेष रूप से प्रभावशाली है। हास्य और सामाजिक आलोचना का संतुलन इस संग्रह की प्रमुख विशेषता है। यह कृति शरद जोशी की विशिष्ट व्यंग्य-दृष्टि, भाषा-शिल्प और सामाजिक चेतना का प्रतिनिधित्व करती है। ER -