TY - GEN AU - Yashpal, TI - Jhūṭhā sach / SN - 9788180315183 (paperback) U1 - 891.433 PY - 2020/// CY - Prayagraj : PB - Lokbharti Prakashan, KW - Hindi fiction KW - Historical fiction, Hindi KW - Partition of India, 1947 KW - Fiction KW - Refugees KW - India N1 - A classic Hindi novel depicting the social, political, and human consequences of the Partition of India. Originally published in two parts: Vatan aur Desh and Desh ka Bhavishya. N2 - 'झूठा सच' यशपाल का हिन्दी साहित्य का एक कालजयी उपन्यास है, जो भारत के विभाजन की ऐतिहासिक त्रासदी और उसके सामाजिक, राजनीतिक तथा मानवीय प्रभावों का अत्यंत यथार्थ एवं संवेदनशील चित्रण प्रस्तुत करता है। उपन्यास में विभाजन से पूर्व और उसके बाद के परिवर्तित सामाजिक परिवेश, सांप्रदायिक तनाव, विस्थापन, शरणार्थियों के संघर्ष, बदलते राजनीतिक परिदृश्य तथा सामान्य जनजीवन की पीड़ा का विस्तृत वर्णन किया गया है। लेखक ने तारा, जयदेव, कनक और अन्य पात्रों के माध्यम से स्वतंत्रता, राष्ट्रनिर्माण, मानवीय संबंधों, आदर्शों तथा यथार्थ के बीच उत्पन्न संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया है। यह कृति भारतीय इतिहास, विभाजन साहित्य और आधुनिक हिन्दी उपन्यास की सर्वश्रेष्ठ रचनाओं में गिनी जाती है। ER -