Tiwari, Arun

Sukrat / Arun Tiwari - New Delhi : Prabhat Prakashan, 2011. - 128 p. : ill. ; 21 cm.

Includes bibliographical references and index.

दुनिया भर के दार्शनिकों में सुकरात का विशिष्‍ट स्थान है। उनमें सोचने-समझने की क्षमता थी और वह सत्य एवं न्याय की खोज के प्रति दृढ़-संकल्प थे। वह मानते थे कि एक बेहतर विश्‍व की कल्पना तभी साकार हो सकती है, जब लोग समझदार एवं बुद्धिमान हों। हमें किसी दूसरे के विचारों को यूँ ही स्वीकार नहीं कर लेना चाहिए, बल्कि उनको आलोचनात्मक तर्क की कसौटी पर परखना चाहिए।

9789350480588 (hbk.)

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