TY - GEN AU - Doshi , S.L. AU - Jain, P.C. TI - Mukhya samajshastriya vicharak SN - 9788131609828 (pbk.) U1 - 922 PY - 2024/// CY - Jaipur PB - Rawat Publications KW - Biography KW - Life histories N2 - समाजशास्त्र के विकास का इतिहास लगभग 175 वर्ष पुराना है, जिसमें अनेक समाजशास्त्रियों का योगदान रहा है। अगस्त कॉम्ट, हरबर्ट स्पेन्सर, कार्ल मार्क्स, मैक्स वेबर, इमाइल दुर्खीम, विलफ्रेडो पेरेटो, एवं पितरिम सोरोकिन ऐसे विदेशी समाजशास्त्री थे जिन्होंने मानव समाज को समझने हेतु विभिन्न सिद्धान्त प्रस्तुत किये। इसी कड़ी में भारत में भी ऐसे कालजयी चिन्तक हुए जिन्होंने भारतीय समाज को समझने में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। भारतीय समाजशास्त्रीयों ने संस्कृतिकरण, प्रभु जाति, संयुक्त परिवार इत्यादि पर गहन अध्ययन किया। प्रस्तुत पुस्तक में राधाकमल मुकर्जी, डी. पी. मुखर्जी और जी. एस. घुर्ये के प्रमुख योगदानों व अध्ययनों को भी सम्मिलित किया है। यह पुस्तक उन छात्रों व शोधार्थियों के लिये उपयोगी होगी जो वैश्विक समाज के साथ-साथ भारतीय समाज को भी समझने में रुचि रखते हैं। आशा है, यह पुस्तक स्नातक एवं स्नात्कोत्तर छात्रों के लिये अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगी। ER -