TY - GEN AU - Chekhov, Anton TI - Chekhov ki lokpriya kahaniyan SN - 9789386001863 (pbk.) U1 - 891.433 PY - 2018/// CY - New Delhi PB - Prabhat Prakashan KW - Hinid literature KW - Hindi fiction N2 - चेखव संसार के श्रेष्ठ कहानीकारों में से हैं। उन्होंने अपनी कला को चमत्कारी बनाने के लिए न तो अनोखी घटनाएँ ढूँढ़ीं हैं, न अनूठे पात्रों की सृष्टि की है। उनके पात्र ऐसे हैं, जिनसे अपने नित्य प्रति के जीवन में हम अकसर मिलते हैं। खासतौर से उच्च वर्गों के आडंबरपूर्ण जीवन में, उनके बनावटी शिष्टाचार के नीचे मानव-हृदय को घुटते-कराहते देखा है। उनका तीखा व्यंग्य इस संस्कृति की हृदयहीनता को नश्तर की तरह चीरता चला जाता है। दु:खी लोगों के लिए उनके हृदय में करुणा है, व्यंग्य का नश्तर उनके लिए नहीं है। चेखव की कहानियाँ पढ़कर हम अपने चारों तरफ के जीवन को नई नजर से देखते हैं। सामाजिक जीवन के काम हमें बहुधा अपने चारों ओर होनेवाली करुण घटनाओं के प्रति अचेत कर देते हैं, हमारी जागरूकता बहुधा कुंद हो जाती है। चेखव इस जागरूकता को तीव्र करते हैं, हमारी कुंद होती हुई सहृदयता को सचेत करते हैं, उन छोटी-छोटी बातों की तरफ ध्यान देना सिखाते हैं, जिनके होने-न-होने पर मनुष्य का सुख-दु:ख निर्भर करता है। अत्यंत हृदयस्पर्शी मार्मिक कहानियाँ। ER -