Image from Google Jackets

Mumbai nights : yahan raaten madhosh hain aur raaj ghatak! marna mana hain! / Sanjiv Paliwal.

मुंबई नाइट्स : यहां रातें मदहोश हैं और राज घटक...मरना मना है! / संजीव पालीवाल के द्वारा By: Language: English Publication details: New Delhi : Sarv Bhasha Trust, 2024.Description: 200 p. : ill. ; 24 cmISBN:
  • 9789348013361 (pbk.)
Subject(s): DDC classification:
  • 891.433 PAL/M
Summary: माया नगरी मुंबई में एक बड़े फिल्म स्टार रोहित शंकर सिंह की मौत। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है, निशाने पर है रोहित की प्रेमिका अनामिका त्रिपाठी। कॉलेज में पढ़ने वाली एक लड़की रोहित की मौत की जांच के लिये दिल्ली के प्राइवेट डिटेक्टिव विशाल सारस्वत की सेवाएं लेती है। अनामिका भी खुद को बेदाग साबित करने के लिये मुंबई की एक डिटेक्टिव अमीना शेख को बुलाती है ... शक के दायरे में हैं फिल्म इंडस्ट्री की ताकतवर हस्तियां और फिर शुरू होती हैं सिलसिलेवार हत्याएं…। साज़िश का सिरा जुड़ता है 'मुंबई नाइट्स' क्लब से। यहां सब कुछ वैसा नहीं होता, जैसा दिखता है। ग्लैमर के पीछे छिपे हैं ऐसे गहरे राज़, जिन्हें उजागर करना मौत को न्यौता देना है। हर कदम पर धोखा, हर मोड़ पर खतरा। क्या विशाल और अमीना साजिशों के जाल से बचकर सच तक पहुंच पाएंगे? या ‘मुंबई नाइट्स’ की चमकीली पर रहस्यमयी रातें उन्हें भी निगल जाएंगी? क्या होगा, जब झूठ की परतों में छिपी कठपुतलियों के चेहरे से नकाब उतरेंगे? कौन है, जिसके हाथ में है इन कठपुतलियों की कमान? कौन है, जो विशाल और अमीना की जान के पीछे पड़ा है?
Tags from this library: No tags from this library for this title. Log in to add tags.
Star ratings
    Average rating: 0.0 (0 votes)
Holdings
Item type Current library Home library Collection Call number Status Barcode
Rajbhasha Book (Hindi) Rajbhasha Book (Hindi) Central Library, IIT Bhubaneswar Central Library, IIT Bhubaneswar RB 891.433 PAL/M (Browse shelf(Opens below)) Available RB1472
Total holds: 0

संजीव पालीवाल हिन्दी पत्रकारिता के अग्रणी पत्रकार हैं। आप इस क्षेत्र में तीस वर्षों से कार्यरत हैं। दैनिक जागरण , अमर उजाला , आज, दूरदर्शन, बीआईटीवी, आईबीएन7/न्यूज़18 और टीवी टुडे जैसे प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों और न्यूज़ चैनलों में काम कर चुके हैं। फिलहाल आप आज तक में सीनियर एग्ज़िक्यूटिव एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। नैना आपका पहला उपन्यास है।

माया नगरी मुंबई में एक बड़े फिल्म स्टार रोहित शंकर सिंह की मौत। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है, निशाने पर है रोहित की प्रेमिका अनामिका त्रिपाठी। कॉलेज में पढ़ने वाली एक लड़की रोहित की मौत की जांच के लिये दिल्ली के प्राइवेट डिटेक्टिव विशाल सारस्वत की सेवाएं लेती है। अनामिका भी खुद को बेदाग साबित करने के लिये मुंबई की एक डिटेक्टिव अमीना शेख को बुलाती है ... शक के दायरे में हैं फिल्म इंडस्ट्री की ताकतवर हस्तियां और फिर शुरू होती हैं सिलसिलेवार हत्याएं…। साज़िश का सिरा जुड़ता है 'मुंबई नाइट्स' क्लब से। यहां सब कुछ वैसा नहीं होता, जैसा दिखता है। ग्लैमर के पीछे छिपे हैं ऐसे गहरे राज़, जिन्हें उजागर करना मौत को न्यौता देना है। हर कदम पर धोखा, हर मोड़ पर खतरा। क्या विशाल और अमीना साजिशों के जाल से बचकर सच तक पहुंच पाएंगे? या ‘मुंबई नाइट्स’ की चमकीली पर रहस्यमयी रातें उन्हें भी निगल जाएंगी? क्या होगा, जब झूठ की परतों में छिपी कठपुतलियों के चेहरे से नकाब उतरेंगे? कौन है, जिसके हाथ में है इन कठपुतलियों की कमान? कौन है, जो विशाल और अमीना की जान के पीछे पड़ा है?

There are no comments on this title.

to post a comment.

Central Library, Indian Institute of Technology Bhubaneswar, 4th Floor, Administrative Building, Argul, Khordha, PIN-752050, Odisha, India
Phone: +91-674-7138750 | Email: circulation.library@iitbbs.ac.in (For circulation related queries),
Email: info.library@iitbbs.ac.in (For other queries)